उत्तराखंड - उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित ‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव-2026’ कार्यक्रम में जनजातीय समाज के विकास और सरकार की योजनाओं को लेकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने जनजातीय समुदाय के हितों और अधिकारों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार योजनाओं की केवल घोषणा करने के बजाय उन्हें जमीन पर लागू करने और तय लक्ष्य तक पहुंचाने पर जोर दे रही है।
‘योजनाओं को अधूरा नहीं छोड़ती सरकार’
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार जिन योजनाओं को शुरू करती है, उन्हें बीच में रोकने के बजाय पूरा करने का प्रयास करती है। उनके मुताबिक, सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं का असर तभी दिखाई देता है, जब उनका क्रियान्वयन धरातल पर हो। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों सहित प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।
कांग्रेस पर ‘वोट बैंक’ की राजनीति का आरोप
अपने संबोधन में पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के लंबे शासनकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जनजातीय समाज को लंबे समय तक केवल चुनावी नजरिए से देखा गया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय इस समुदाय से वादे किए जाते थे, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता था।
धामी ने दावा किया कि जनजातीय समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनकी सरकार अलग-अलग स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में जनजातीय इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी रही।
‘भ्रष्टाचार के कारण पिछड़े जनजातीय क्षेत्र’
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान भ्रष्टाचार के कारण विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच सका। धामी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के लोग लंबे समय तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करते रहे। हालांकि, ये आरोप मुख्यमंत्री धामी के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह अलग से स्पष्ट होगा।
जनजातीय संस्कृति को मंच देने पर जोर
‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव-2026’ का उद्देश्य राज्य और देश के विभिन्न जनजातीय समुदायों की कला, संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को सामने लाना है। 4 से 6 अक्टूबर तक चल रहे इस आयोजन में उत्तराखंड के साथ सिक्किम, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दल हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम में जनजातीय लोकनृत्य, लोकसंगीत और हस्तशिल्प को प्रदर्शित किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम के भी आयोजन में शामिल होने की पुष्टि की गई है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और उनकी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।