Anuppur | मध्य प्रदेश के अनूपपुर में EVM चोरी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। जिला प्रशासन की प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि जिन EVM मशीनों के चोरी होने की बात सामने आई थी, वे वास्तव में चोरी नहीं हुई थीं। जांच के दौरान प्रशासन को ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि संबंधित नॉन-वर्किंग EVM मशीनों को पहले ही भोपाल भेजा गया था।
2021 में भोपाल भेजी गई थीं नॉन-वर्किंग EVM
जिला प्रशासन के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2021 को नॉन-वर्किंग EVM मशीनों को भोपाल भेजे जाने से संबंधित दस्तावेज जांच टीम को मिले हैं। इन दस्तावेजों में EVM से जुड़े सामान को भेजे जाने का रिकॉर्ड दर्ज है। जांच में मिले रिकॉर्ड के अनुसार, 8 बैलेट बॉक्स और 16 कंट्रोल यूनिट भोपाल भेजे जाने का उल्लेख है। इसके बाद EVM मशीनों के चोरी होने की आशंका को लेकर सामने आए मामले की जांच में यह दस्तावेज महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
पुलिस FIR और दस्तावेजों का होगा मिलान
जिला स्तरीय टीम द्वारा मिले दस्तावेजों और पुलिस में दर्ज FIR में उल्लेखित EVM मशीनों का मिलान किया जाएगा। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि FIR में जिन मशीनों के गायब होने की बात दर्ज है, क्या वही मशीनें 2021 में भोपाल भेजे गए रिकॉर्ड में शामिल थीं। मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
प्रशासन का कहना है कि अभी दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इसलिए EVM चोरी के मामले में अंतिम निष्कर्ष FIR और उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही सामने आएगा। अगर रिकॉर्ड से यह पुष्टि होती है कि संबंधित मशीनें निर्धारित प्रक्रिया के तहत भोपाल भेजी गई थीं, तो EVM चोरी की आशंका को लेकर उठे सवालों की स्थिति बदल सकती है। फिलहाल पुलिस और जिला प्रशासन दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं।