छतरपुर - मध्य प्रदेश के छतरपुर में आयोजित दिव्य दरबार के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने फ्लाईदुबई विमान के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी का जिक्र किया। उन्होंने विमान में हुए हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने के लिए कैप्टन स्मित के साहस की सराहना की और कहा कि संकट की घड़ी में हनुमान चालीसा के पाठ ने उन्हें मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास दिया।
कैप्टन स्मित के साहस को किया याद
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने बेहद मुश्किल परिस्थिति में अपनी जान की परवाह किए बिना विमान को संभालने की कोशिश की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित के बीच हुई बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जा रहा था और उस समय पायलट गंभीर रूप से घायल थे।
उनके मुताबिक, ऐसी परिस्थिति में भी कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं छोड़ी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने का प्रयास किया। उनकी इस कार्रवाई से अन्य क्रू सदस्यों और यात्रियों को हमलावर तक पहुंचने तथा उसे काबू करने में मदद मिली।
‘हनुमान चालीसा पढ़ रहा था’
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया था कि संकट के समय वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। कैप्टन के मुताबिक, इस प्रार्थना से उन्हें कठिन हालात में मानसिक संबल मिला।
कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री से बातचीत में भी बताया था कि मुश्किल क्षणों में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और विमान में हुए हमले के दौरान भी उन्होंने ऐसा ही किया। धीरेंद्र शास्त्री ने इसी बात को आधार बनाते हुए कहा कि हनुमान जी की भक्ति व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति पैदा कर सकती है।
क्या हुआ था फ्लाईदुबई विमान में?
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने हमला कर दिया था। विमान में 174 लोग सवार थे। हमले के दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई, जबकि कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसके बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद बाहर मौजूद क्रू और यात्रियों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद मिली। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया और घायल कैप्टन को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना की जांच अब भी चल रही है।
पीएम मोदी ने भी की बहादुरी की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में इलाज करा रहे कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने उनकी सूझबूझ, साहस और मुश्किल समय में संयम बनाए रखने की क्षमता की प्रशंसा की। पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन के प्रयासों ने विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।
कैप्टन स्मित की कहानी अब भारत में साहस, कर्तव्य और संकट के समय धैर्य की मिसाल के तौर पर चर्चा में है। वहीं, उनके द्वारा हनुमान चालीसा का जिक्र किए जाने ने इस घटना को धार्मिक आस्था और मानसिक मजबूती के संदर्भ में भी चर्चा का विषय बना दिया है।