नई दिल्ली - भारत और पाकिस्तान के बीच पंजाब सीमा पर हुई फायरिंग की घटना को लेकर कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। भारत ने सीमा पार से कथित घुसपैठ को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए शनिवार को पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी साद वराइच को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर लगातार सीमा पार घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए इस मामले में आपत्ति दर्ज कराई।
पाकिस्तान के कदम के बाद भारत का जवाब
भारत का यह कदम पाकिस्तान द्वारा नई दिल्ली के राजनयिक प्रतिनिधि को तलब किए जाने के कुछ घंटे बाद सामने आया। पाकिस्तान ने पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में बीएसएफ की कार्रवाई के दौरान दो लोगों की मौत पर विरोध जताया था। इस्लामाबाद का दावा है कि मारे गए दोनों व्यक्ति आम नागरिक थे और उनके खिलाफ बल प्रयोग उचित नहीं था। पाकिस्तान ने मामले की जांच की मांग भी की है। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सीमा पर हुई घटना को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान को भारत का पक्ष स्पष्ट रूप से बता दिया गया है।
तीन लोग भारतीय क्षेत्र में घुसे थे: भारत
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2 अक्टूबर को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तीन लोग अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए। बीएसएफ जवानों ने उन्हें वापस लौटने के लिए कई बार चेतावनी दी, लेकिन वे सीमा पर लगी बाड़ की दिशा में आगे बढ़ते रहे। भारत के मुताबिक, इस दौरान उनसे तत्काल सुरक्षा खतरा पैदा हुआ, जिसके बाद बीएसएफ को कार्रवाई करनी पड़ी।
इस घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया था कि तरनतारन जिले में सीमा के पास संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद जवानों ने लोगों को रुकने के लिए कहा था। अधिकारियों के अनुसार, तीन में से एक व्यक्ति वापस पाकिस्तान की ओर चला गया, जबकि दो अन्य आगे बढ़ते रहे और गोलीबारी में उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान को लेकर शुरुआती स्तर पर जांच जारी थी।
ड्रग तस्करी से भी जोड़ा मामला
विदेश मंत्रालय ने इस घटना को केवल घुसपैठ की एक अलग घटना के तौर पर नहीं देखा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान से सक्रिय हथियारबंद मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों द्वारा बार-बार सीमा पार आवाजाही का एक पैटर्न सामने आया है। नई दिल्ली ने इस पूरे नेटवर्क की जांच की जरूरत पर जोर दिया है। भारत ने पाकिस्तान सरकार से सीमा पार घुसपैठ और ड्रग तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जांच करने को कहा है। साथ ही, भारत ने पाकिस्तान के सीमा सुरक्षा बलों की कथित मिलीभगत की भी जांच करने और उचित सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
सीमा की सुरक्षा और नियमों के पालन पर जोर
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता बनाए रखने और दोनों देशों के बीच लागू व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। भारत ने यह भी आग्रह किया कि पाकिस्तान अपने सुरक्षा बलों को अपनी तरफ से होने वाली अनधिकृत आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने का निर्देश दे।
वहीं, पाकिस्तान ने इस घटना को अलग नजरिए से देखते हुए मृतकों को नागरिक बताया है। दोनों देशों के दावों में स्पष्ट अंतर है और घटना से जुड़े तथ्यों को लेकर जांच जारी है। सीमा पर हुई इस घटना के बाद दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के राजनयिक प्रतिनिधियों को तलब किया जाना दिखाता है कि मामला अब कूटनीतिक स्तर पर भी गंभीर हो गया है।