Ujjain: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 अगस्त को उज्जैन पहुंचकर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण और विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने सती गेट से गोपाल मंदिर तक किए जा रहे मार्ग चौड़ीकरण कार्य की प्रगति देखी और अधिकारियों से निर्माण योजना की विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान श्री चिंता हरण गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद भी लिया। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों, धार्मिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में कंठाल चौराहा से छत्री चौक तक मार्ग के विस्तार, सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित विकास कार्यों की डिजाइन भी देखी और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सती गेट से गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण का काम
सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन के पुराने और प्रमुख मार्गों को व्यवस्थित करने की योजना पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सती गेट से गोपाल मंदिर की ओर किए जा रहे मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन्हें निर्माण की पूरी कार्ययोजना और अब तक हुए काम की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने मौके पर कार्य की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों से परियोजना की प्रगति के बारे में जानकारी ली। यह मार्ग धार्मिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने को देखते हुए इन क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने पैदल चलकर देखा निर्माण कार्य
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सती गेट से छोटा सराफा चौराहा तक पैदल भ्रमण किया। उन्होंने मार्ग चौड़ीकरण के तहत किए जा रहे कार्यों को करीब से देखा और मौके पर मौजूद अधिकारियों से परियोजना से संबंधित जानकारी ली। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की रूपरेखा के बारे में बताया। अधिकारियों ने चौड़ीकरण, सड़क निर्माण और प्रस्तावित सौंदर्यीकरण कार्यों की स्थिति से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कंठाल चौराहा और सती माता द्वार की बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कंठाल चौराहा और प्राचीन श्री सती माता मंदिर द्वार के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों की डिजाइन का भी अवलोकन किया। इस योजना में सड़क के विस्तार के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्राचीन श्री सती माता द्वार के स्वरूप को बेहतर बनाने के लिए भी विकास कार्य प्रस्तावित हैं। धार्मिक महत्व वाले इस क्षेत्र में सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही काफी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सड़क और आसपास के स्थानों को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने का काम शहर की तैयारियों का अहम हिस्सा है।
410 मीटर लंबे मार्ग का होगा चौड़ीकरण
सिंहस्थ-2028 के लिए कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक करीब 410 मीटर लंबे मार्ग को विकसित किया जा रहा है। इस सड़क को चौड़ीकरण के बाद करीब 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात को बेहतर बनाना और सिंहस्थ के दौरान बढ़ने वाले दबाव को संभालने के लिए पर्याप्त सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क के साथ-साथ आसपास के हिस्सों के सौंदर्यीकरण की भी योजना है, जिससे क्षेत्र का स्वरूप अधिक व्यवस्थित दिखाई दे।
कंठाल चौराहे पर 500 वर्ग मीटर में होगा सौंदर्यीकरण
योजना के तहत कंठाल चौराहे पर करीब 500 वर्ग मीटर क्षेत्र में पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे। इससे चौराहे के आसपास का क्षेत्र व्यवस्थित होने के साथ सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा प्राचीन श्री सती माता मंदिर द्वार का भी सौंदर्यीकरण प्रस्तावित है। धार्मिक महत्व वाले इस प्रवेश द्वार को विकसित करने से श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र का अनुभव बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों और उनसे जुड़े मार्गों का विकास विशेष महत्व रखता है। इसी वजह से शहर में आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ सौंदर्यीकरण की परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
310 मीटर सड़क का काम पूरा
अधिकारियों के मुताबिक कुल 410 मीटर लंबे मार्ग में से करीब 310 मीटर हिस्से में पीसीसी सड़क निर्माण का काम पूरा हो चुका है। बाकी हिस्से में भी परियोजना के अनुसार निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। सड़क निर्माण के साथ क्षेत्र में अन्य जरूरी विकास कार्य भी किए जा रहे हैं। प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि सिंहस्थ शुरू होने से पहले प्रमुख परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हो जाएं।
स्थानीय लोगों ने भी विकास कार्य में दिया सहयोग
मार्ग चौड़ीकरण की इस परियोजना में स्थानीय लोगों और दुकानदारों का सहयोग भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार कई स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने मकान और दुकानों के निर्माण का हिस्सा हटाकर सड़क चौड़ीकरण के लिए जगह उपलब्ध कराई है। शहर के पुराने हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण के दौरान स्थानीय संपत्तियों का प्रभावित होना संवेदनशील विषय रहता है। ऐसे में स्थानीय लोगों द्वारा स्वेच्छा से सहयोग करना परियोजना को आगे बढ़ाने में मददगार माना जा रहा है।
सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन में तेज हो रही तैयारियां
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए कई स्तरों पर विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है। धार्मिक स्थलों के आसपास सुविधाओं के विस्तार से लेकर सड़क, यातायात, सौंदर्यीकरण और शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के पुराने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सड़क व्यवस्था को बेहतर करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। मार्ग चौड़ीकरण जैसी परियोजनाओं से इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है।
निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय विकास कार्यों से जुड़े कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी संत उमेश नाथ महाराज, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल और मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहे। प्रशासन की ओर से कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने मुख्यमंत्री को परियोजना से जुड़ी जानकारी दी।