रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में 20 अगस्त को राजधानी रायपुर में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। यह अभ्यास मंदिर हसौद तहसील के अंतर्गत परसदा गांव स्थित सेंध झील में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगा। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य वास्तविक बाढ़ या अचानक आई आपदा की स्थिति में राहत, बचाव और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को परखना है। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता का भी आकलन किया जाएगा।
NDMA और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल
रायपुर में होने वाली यह मॉक एक्सरसाइज नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और रायपुर जिला प्रशासन की संयुक्त पहल का हिस्सा है।
अभ्यास के दौरान यह देखा जाएगा कि आपदा की सूचना मिलने के बाद राहत और बचाव दल कितनी तेजी से प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचते हैं। इसके अलावा अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल, सुरक्षा इंतजाम और बचाव प्रक्रिया की प्रभावशीलता का भी परीक्षण किया जाएगा।
अधिकारियों को SOP का पालन करने के निर्देश
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों को तैयारियों के संबंध में जरूरी निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से टेबल-टॉप एक्सरसाइज करने और निर्धारित Standard Operating Procedures (SOPs) को अच्छी तरह समझने और उनका पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन का मानना है कि ऐसी रिहर्सल से वास्तविक आपदा के समय राहत और बचाव अभियान शुरू करने में होने वाली देरी को कम किया जा सकता है। इस संबंध में पहले उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की जा चुकी है। अब परसदा स्थित सेंध झील में जमीनी स्तर पर आपदा प्रबंधन तैयारियों की जांच की जाएगी।
कोरबा और सूरजपुर में बाढ़ जैसे हालात
छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में हाल के दिनों में भारी बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव की स्थिति सामने आई है। कोरबा में भारी बारिश के बाद बांगो बांध से करीब 41 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और राहत-बचाव टीमों को तैनात करना पड़ा।
वहीं सूरजपुर के प्रतापपुर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण एक पुल बह गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। धमतरी में भी लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है। सोंढुर बांध के गेट खोलकर पानी छोड़े जाने के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है।
अचानक बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट
बारिश के दौरान जलभराव और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए रायपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने निगरानी और राहत-बचाव की तैयारियां मजबूत की हैं। परसदा सेंध झील में होने वाली मॉक ड्रिल के जरिए प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी वास्तविक आपदा के दौरान सभी संबंधित टीमें बेहतर तालमेल के साथ तेजी से राहत और बचाव कार्य कर सकें।