मुंबई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और वैश्विक बाजारों में निवेशकों की Risk-On Sentiment मजबूत होने से भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को शानदार तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। लगातार 12 कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद घरेलू बाजार में रिकवरी के संकेत नजर आए। शुरुआती कारोबार में Sensex 558 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,468 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 में 147 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 24,225.45 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
12 दिन की गिरावट के बाद बाजार में राहत
लगातार बिकवाली के दबाव के बाद बाजार में गुरुवार को खरीदारी देखने को मिली। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, ओवरसोल्ड स्थिति के बाद Short Covering से शेयर बाजार में अल्पकालिक रिकवरी की गुंजाइश बनी है। निवेशकों की नजर अब आगे बाजार की दिशा तय करने वाले घरेलू और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है।
IT और Metal शेयरों में तेजी
शुरुआती कारोबार में कई सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में नजर आए। Nifty IT, Nifty MidSmall IT & Telecom और Nifty Metal प्रमुख बढ़त वाले सूचकांकों में रहे। इनमें शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 1 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। आईटी और मेटल शेयरों में खरीदारी से भी प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला।
FII और DII की खरीदारी से बाजार को सपोर्ट
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया है। Foreign Institutional Investors (FIIs) ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी करते हुए बुधवार को भारतीय इक्विटी बाजार में 407 करोड़ रुपये का निवेश किया। वहीं Domestic Institutional Investors (DIIs) ने लगातार सातवें सत्र में खरीदारी जारी रखी और बुधवार को करीब 3,973 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
अमेरिकी और एशियाई बाजारों से भी मिले सकारात्मक संकेत
वैश्विक बाजारों से भी भारतीय शेयर बाजार को सकारात्मक संकेत मिले। अमेरिकी बाजार में S&P 500 में 0.21 प्रतिशत और Nasdaq में 0.16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में भी गुरुवार को मजबूती का रुख देखने को मिला। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी के बीच निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने से वैश्विक इक्विटी बाजारों की धारणा बेहतर हुई।
Crude Oil की कीमतें स्थिर
कच्चे तेल के मोर्चे पर कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा। शुरुआती कारोबार में Brent Crude करीब 92 डॉलर प्रति बैरल, जबकि WTI Crude 84.52 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
लगातार 12 सत्रों की गिरावट के बाद बाजार में आई तेजी से निवेशकों को राहत मिली है। हालांकि, मौजूदा स्तरों पर बाजार की आगे की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू खरीदारी पर निर्भर रह सकती है।