मुरैना। ओलंपियन और लंबी कूद के एथलीट अंकित शर्मा के खिलाफ मुरैना में कथित उम्र फर्जीवाड़े को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंकित ने अपनी वास्तविक जन्मतिथि से करीब पांच साल कम उम्र दर्शाकर राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और विभिन्न राज्यों से पुरस्कार राशि हासिल की। हालांकि, अंकित के बड़े भाई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे पारिवारिक विवाद और तलाक के मामले से जुड़ा बदनाम करने का प्रयास बताया है। ऐसे में मामले में लगे आरोपों की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।
ससुर की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
मुरैना कोतवाली पुलिस के अनुसार, अंकित शर्मा के ससुर डॉ. राजकुमार तिवारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि अंकित की वास्तविक जन्मतिथि 1 अगस्त 1987 है, जबकि बाद में दस्तावेजों में उनकी जन्मतिथि 20 जुलाई 1992 दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उम्र कम दिखाने के लिए दस्तावेजों में बदलाव किया गया और इसी आधार पर अंकित ने जूनियर स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
आठवीं कक्षा में सीधे दाखिले का आरोप
शिकायत के मुताबिक, अंकित ने मुरैना के शासकीय ज्योति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गणेशपुरा में कथित तौर पर सातवीं कक्षा पास किए बिना सीधे आठवीं कक्षा में प्रवेश लिया। इसके बाद उन्होंने मुरैना के केएस विद्यालय और भोपाल के एक स्कूल से क्रमश: 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं पास कीं। शिकायतकर्ता ने पुलिस को इस संबंध में दस्तावेज भी सौंपने का दावा किया है।
रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया
अंकित शर्मा का खेल करियर काफी चर्चित रहा है। जून 2016 में कजाकिस्तान में आयोजित एक प्रतियोगिता में उन्होंने 8.19 मीटर की लंबी कूद लगाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें रियो ओलंपिक 2016 में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।
बाद में उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर उन्हें आयकर विभाग में इंस्पेक्टर की नौकरी भी मिली।
कई राज्यों से पुरस्कार हासिल करने का दावा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंकित ने अलग-अलग समय पर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की ओर से प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और इन राज्यों से पुरस्कार राशि प्राप्त की। अंकित को मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित विक्रम पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार की ओर से भी उन्हें पुरस्कार दिए जाने की बात सामने आई है।
भाई ने आरोपों को बताया ससुराल का विवाद
अंकित शर्मा के बड़े भाई ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उनका भाई इस समय तलाक के मामले से गुजर रहा है और ससुराल पक्ष उसे बदनाम करने के लिए यह मामला उठा रहा है। उनका दावा है कि उन्होंने जुलाई में खुद मुरैना एसपी के सामने दस्तावेज प्रस्तुत किए थे और इससे पहले ग्वालियर में भी शिकायत की कोशिश हुई थी, लेकिन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को स्थिति स्पष्ट की गई थी।
2020 में हुई थी शादी
अंकित शर्मा की शादी दिसंबर 2020 में ग्वालियर के उषा किरण होटल में डॉ. राजकुमार तिवारी की बेटी से हुई थी। ससुर ने शादी के बाद रिश्ते में विवाद और घरेलू हिंसा समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस अब शिकायत में दिए गए दस्तावेजों और अंकित की शैक्षणिक एवं खेल संबंधी रिकॉर्ड की जांच करेगी।
अब जांच में क्या होगा?
मामले में सबसे अहम सवाल अंकित शर्मा की वास्तविक जन्मतिथि और प्रतियोगिताओं में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों का है। पुलिस यदि दस्तावेजों की जांच में उम्र संबंधी गड़बड़ी की पुष्टि करती है, तो आगे की कानूनी कार्रवाई उसी आधार पर होगी। फिलहाल एफआईआर दर्ज होना आरोपों का अंतिम रूप से साबित होना नहीं है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दस्तावेजों में वास्तव में कोई फर्जीवाड़ा हुआ था या नहीं।