मध्यप्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मऊगंज में अष्टभुजा नदी उफान पर है, जिससे नईगढ़ी गांव में पानी भर गया। अमृत योजना के निर्माण कार्य में लगे 4 मजदूर बाढ़ में फंस गए, जिनमें से एक तेज बहाव में बह गया। वहीं उमरिया में भी एक बुजुर्ग के बाढ़ में बहने की सूचना है। रीवा, सतना और चित्रकूट में भी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मऊगंज में अष्टभुजा नदी उफान पर
मऊगंज जिले में लगातार बारिश के कारण अष्टभुजा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नदी में आए उफान के चलते नईगढ़ी गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए। अमृत योजना के निर्माण कार्य में लगे 4 मजदूर पानी के बीच फंस गए।बताया जा रहा है कि इनमें से एक मजदूर तेज बहाव में बह गया।
उमरिया में बुजुर्ग बाढ़ में बहा
उमरिया जिले में भी बाढ़ का पानी लोगों के लिए खतरा बन गया है। यहां एक बुजुर्ग के बाढ़ के पानी में बहने की सूचना है। प्रशासन और राहत दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।इसी बीच उमरिया के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के 2 गेट करीब एक-एक मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
डिंडौरी में स्कूल बंद, हाईवे पर भी आवागमन प्रभावित
भारी बारिश को देखते हुए डिंडौरी जिले में आंगनवाड़ी से लेकर 12वीं कक्षा तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं।खरमेर नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण डिंडौरी-मंडला स्टेट हाईवे पर आवागमन बंद हो गया है। इससे दोनों जिलों के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।पन्ना में भी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
चित्रकूट में सड़कों पर चलीं नाव
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी बाजार तक पहुंच गया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई सड़कों पर नाव चलानी पड़ रही है।बाढ़ के खतरे को देखते हुए गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
रीवा के 9 इलाकों में पानी भरा
रीवा में भी लगातार बारिश से कई बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। निराला नगर हॉस्टल समेत करीब 9 इलाकों में पानी भर गया है।कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से सामान भी प्रभावित हुआ है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सतना में चरवाहा नाले में बहा
सतना के भुमकहर गांव में 55 वर्षीय चरवाहे के नाले में बहने की सूचना है। घटना के बाद SDRF की टीम मौके पर पहुंची और उसकी तलाश में अभियान शुरू किया गया है।लगातार बारिश और नदियों-नालों के बढ़ते जलस्तर के कारण आसपास के इलाकों में भी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
बरगी डैम के 13 गेट खोले गए
जबलपुर के बरगी डैम में पानी की आवक बढ़ने के बाद 21 में से 13 गेट खोल दिए गए हैं। डैम से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
कई जिलों में बाढ़ का खतरा
मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मऊगंज, रीवा, सतना, उमरिया, डिंडौरी, पन्ना और जबलपुर समेत कई जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।बारिश के दौरान नदी, नाले और पुल-पुलियों को पार करने से बचने की अपील की गई है। जलस्तर बढ़ने वाले क्षेत्रों में राहत और बचाव दल भी सक्रिय हैं।