महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर अन्न एवं औषध प्रशासन (FDA) ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में अब खुले में खाने के तेल की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। यानी दुकानदार ग्राहकों को डिब्बे या कंटेनर से निकालकर खुला खाद्य तेल नहीं बेच सकेंगे। अब तेल की बिक्री पैकिंग के साथ ही करनी होगी।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य खाद्य तेल की गुणवत्ता, उसकी सप्लाई के स्रोत और एक्सपायरी से जुड़ी जानकारी को पारदर्शी बनाना है। FDA का मानना है कि खुले तेल के मामले में उपभोक्ता को यह पता नहीं चल पाता कि तेल कहां से आया, कितने समय से रखा है और उसकी इस्तेमाल की अंतिम तारीख क्या है।
खुले तेल की बिक्री क्यों बंद की जा रही है?
खुले में बिकने वाले खाद्य तेल को लेकर सबसे बड़ी समस्या उसकी ट्रेसबिलिटी यानी स्रोत का पता लगाने की है। जब तेल किसी बड़े कंटेनर या ड्रम से निकालकर ग्राहकों को बेचा जाता है, तो उसके मूल पैकेज की जानकारी उपभोक्ता तक नहीं पहुंचती।ऐसी स्थिति में ग्राहक यह पता नहीं कर पाता कि तेल किस कंपनी या निर्माता का है, उसका उत्पादन कब हुआ और उसकी एक्सपायरी कब है। तेल के भंडारण की स्थिति और उसके साथ किसी तरह की मिलावट हुई है या नहीं, इसकी जानकारी भी आसानी से उपलब्ध नहीं होती।FDA ने इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए खुले तेल की बिक्री रोकने का फैसला किया है।
अब पैकेट पर क्या जानकारी देनी होगी?
नियम के मुताबिक पैक होकर बिकने वाले खाद्य तेल पर जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। इसमें खास तौर पर तेल का सोर्स और एक्सपायरी डेट शामिल होगी।
इससे ग्राहक खरीदारी से पहले उत्पाद के बारे में जरूरी जानकारी देख सकेंगे। साथ ही किसी शिकायत या गुणवत्ता संबंधी समस्या की स्थिति में संबंधित उत्पाद और उसके स्रोत का पता लगाना भी आसान होगा।
दुकानदारों पर क्या असर पड़ेगा?
इस फैसले का सीधा असर उन दुकानदारों पर पड़ेगा जो अब तक ड्रम या बड़े कंटेनर से तेल निकालकर ग्राहकों को खुले में बेचते थे। ऐसे कारोबारियों को अब पैक्ड खाद्य तेल की बिक्री की व्यवस्था अपनानी होगी।दुकानदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिक्री के लिए उपलब्ध तेल निर्धारित पैकिंग और लेबलिंग के साथ हो। इससे छोटे कारोबारियों के लिए बिक्री व्यवस्था में बदलाव करना जरूरी होगा।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
खुले तेल की बिक्री पर रोक से उपभोक्ताओं को सबसे बड़ा फायदा जानकारी और पारदर्शिता के रूप में मिलने की उम्मीद है।पैक्ड तेल खरीदते समय ग्राहक उत्पाद का स्रोत, एक्सपायरी और अन्य जरूरी लेबल जानकारी देखकर फैसला कर सकेंगे। किसी तेल की गुणवत्ता को लेकर शिकायत होने पर उसके निर्माता या सप्लायर की पहचान करना भी आसान होगा।
मिलावट पर निगरानी में भी मिलेगी मदद
खुले तेल के मामले में यदि कोई गड़बड़ी या मिलावट सामने आती है तो उसके स्रोत तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। पैक्ड तेल में बैच, निर्माता और अन्य लेबल जानकारी उपलब्ध होने से जांच एजेंसियों के लिए सप्लाई चेन को ट्रैक करना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है।यही वजह है कि FDA के इस कदम को खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है।
खाद्य तेल की गुणवत्ता पर जोर
खाने का तेल रोजमर्रा की जरूरत का प्रमुख खाद्य उत्पाद है। इसलिए इसकी गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक गलत तरीके से रखे गए या संदिग्ध स्रोत वाले तेल के इस्तेमाल से उपभोक्ताओं को नुकसान हो सकता है।FDA का फैसला इसी जोखिम को कम करने और खाद्य तेल की बिक्री में अधिक पारदर्शिता लाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
आगे दुकानदारों को करना होगा नियमों का पालन
अब खाद्य तेल बेचने वाले दुकानदारों को नए नियम के अनुसार अपनी बिक्री व्यवस्था करनी होगी। खुले तेल की जगह पैक्ड तेल की बिक्री पर जोर रहेगा।हालांकि, इस फैसले के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दुकानदारों और व्यापारियों को नियमों की जानकारी देना और बाजार में इसकी निगरानी करना भी महत्वपूर्ण होगा।