रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में बीएससी एग्रीकल्चर की परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया है। द्वितीय वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर की कीट विज्ञान परीक्षा का पेपर परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले WhatsApp पर वायरल हो गया। मामला सामने आते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने 20 अगस्त को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी।
पेपर लीक की घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने FIR दर्ज कराने के साथ साइबर सेल में भी शिकायत की है। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
परीक्षा से ठीक पहले WhatsApp पर वायरल हुआ पेपर
बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर, सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान कीट विज्ञान से संबंधित प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले विद्यार्थियों के मोबाइल फोन पर पहुंचने लगा।
प्रश्नपत्र की तस्वीरें और उसकी सामग्री WhatsApp के जरिए तेजी से शेयर होने लगी। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंची तो तत्काल परीक्षा की प्रक्रिया रोकने और पेपर रद्द करने का निर्णय लिया गया।
कवर्धा से मिली थी पेपर लीक की शिकायत
बताया गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को कवर्धा से प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत मिली थी। प्रारंभिक जांच में पेपर लीक होने की पुष्टि के बाद 20 अगस्त की परीक्षा निरस्त कर दी गई।विश्वविद्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में FIR दर्ज कराई है। अब पुलिस पेपर लीक से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी।
साइबर सेल तलाशेगा पेपर लीक का मुख्य स्रोत
पेपर लीक मामले की जांच तीन स्तर पर किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस जांच के अलावा साइबर सेल को भी मामले की जांच सौंपी गई है।साइबर सेल यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस व्यक्ति या माध्यम से बाहर आया और उसके बाद किन-किन लोगों ने इसे आगे प्रसारित किया। डिजिटल माध्यम से हुए इस प्रसार की भी जांच की जाएगी।
पांच सदस्यीय कमेटी करेगी विश्वविद्यालय स्तर पर जांच
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।चूंकि रायपुर से तैयार प्रश्नपत्र प्रदेश के 28 संबद्ध कॉलेजों में भेजे जाते हैं, इसलिए जांच का दायरा इन सभी कॉलेजों तक रहेगा। कमेटी यह पता लगाएगी कि प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था में चूक आखिर किस स्तर पर हुई।जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा होगी परीक्षा
परीक्षा रद्द होने के बाद विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने 20 अगस्त को दोबारा परीक्षा कराने को लेकर सर्कुलर जारी किया है।विद्यार्थियों को अब नई परीक्षा तारीख के अनुसार परीक्षा देनी होगी।
कृषि मंत्री ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पेपर लीक की घटना को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी मामले में सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने परीक्षा निरस्त कर जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी शुरू की जांच
पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने तत्काल आंतरिक स्तर पर जांच शुरू की। कुलसचिव के अनुसार, पेपर लीक होने की पुष्टि के बाद परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया और FIR दर्ज कराई गई।
अब पुलिस, साइबर सेल और विश्वविद्यालय की पांच सदस्यीय समिति की जांच से यह सामने आने की उम्मीद है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ और इसे विद्यार्थियों तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका थी।