लखनऊ - लखनऊ में उत्तर प्रदेश की सियासत के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसा है। राजभर ने कांग्रेस के साथ सपा के रिश्तों को लेकर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव से पूछा कि आखिर कांग्रेस का राजनीतिक “भाव” क्या चल रहा है—चवन्नी, अठन्नी या रुपईया?
सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश पर निशाना
राजभर ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव को संबोधित किया। उन्होंने तंजिया अंदाज में लिखा कि “मित्र अखिलेश जी कैसे हैं?” इसके बाद उन्होंने कांग्रेस और सपा के बीच राजनीतिक खींचतान को लेकर निशाना साधा। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव शायद ठीक नहीं होंगे, क्योंकि उनके मुताबिक कांग्रेस के नेता उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कटाक्ष किया कि अखिलेश को अपने राजनीतिक घर की चिंता करनी चाहिए।
इमरान मसूद को लेकर भी घेरा
ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में कांग्रेस नेता इमरान मसूद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपनी पार्टी और नेताओं की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। राजभर का दावा है कि इमरान मसूद पहले भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते रहे हैं और अब भी उनके बयानों से सपा को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मसूद समय-समय पर अखिलेश यादव को भी “डोज” देते रहते हैं।
200 सीटों के बयान पर भी सवाल
राजभर ने कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कांग्रेस के लिए 200 सीटों की मांग किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल किया कि कांग्रेस को 200 सीटें कैसे दी जाएंगी, इसकी चिंता उन्हें करनी चाहिए। राजभर के बयान को आगामी चुनावी राजनीति में सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे और गठबंधन की संभावनाओं पर चल रही चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
यूपी की सियासत में बढ़ रही बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में चुनावी समीकरणों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। ऐसे में ओम प्रकाश राजभर का यह हमला सपा और कांग्रेस के बीच संभावित राजनीतिक तालमेल को लेकर चल रही चर्चाओं को और हवा दे सकता है। राजभर ने अपने बयान के जरिए अखिलेश यादव को एक साथ कांग्रेस, इमरान मसूद और सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की है। अब इस पर सपा या कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।