भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास से चिन्मय अमृत यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वामी श्री चिन्मयानंदजी महाराज को महान संत, विचारक और आध्यात्मिक विभूति बताते हुए उनके जीवन और समाज के लिए किए गए कार्यों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चिंतन और विशेष रूप से श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में स्वामी चिन्मयानंदजी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। उनके मार्गदर्शन में शुरू हुई चिन्मय अमृत यात्रा अब 75 वर्ष पूरे कर चुकी है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंदजी का भारतीय समाज और युवाओं के नैतिक विकास के साथ-साथ गीता के प्रचार-प्रसार के लिए किया गया कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायी रहेगा।
मुख्यमंत्री निवास से रवाना हुई चिन्मय अमृत यात्रा
चिन्मय अमृत यात्रा के भोपाल पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से इसे आगे के लिए रवाना किया। कार्यक्रम में चिन्मय मिशन के हेड एवं संरक्षक स्वामी मित्रानंद सरस्वती महाराज सहित मिशन से जुड़े अन्य अनुयायी मौजूद रहे। यात्रा के रवाना होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामी चिन्मयानंदजी के विचारों और उनके आध्यात्मिक योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन पद्धति, संस्कृति और नैतिक मूल्यों को समाज के बीच मजबूत करने में संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंदजी ने केवल आध्यात्मिक ज्ञान के प्रसार तक अपने कार्य को सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज और युवाओं को संस्कारों तथा नैतिक मूल्यों से जोड़ने का भी प्रयास किया।
75 वर्षों से गीता और भारतीय संस्कृति के प्रचार का प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंदजी के मार्गदर्शन में भारतीय संस्कृति और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने का जो अभियान शुरू हुआ था, वह अब 75 वर्ष की यात्रा पूरी कर चुका है। चिन्मय अमृत यात्रा इसी लंबे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अभियान की निरंतरता के रूप में निकाली जा रही है। यात्रा के माध्यम से लोगों तक भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विचार और गीता के संदेश को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंदजी ने समाज में आध्यात्मिक चेतना के साथ नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का जो काम किया, उसका प्रभाव लंबे समय तक याद किया जाएगा।
युवाओं के नैतिक विकास में रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं के चरित्र और नैतिक विकास के क्षेत्र में स्वामी चिन्मयानंदजी के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ अपने संस्कारों, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ना भी जरूरी है। स्वामी चिन्मयानंदजी के विचारों में आध्यात्मिक ज्ञान और भारतीय संस्कृति का समन्वय देखने को मिलता है। इसी वजह से उनके द्वारा शुरू किए गए कार्यों को केवल धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं माना जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय समाज में नैतिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए स्वामीजी का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में भी मिशन के कार्यों की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चिन्मय मिशन की ओर से किए जा रहे विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन ने देश के अलग-अलग हिस्सों में शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम किया है। मिशन की ओर से कई स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा सामाजिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए भी मिशन काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को संस्कार और शिक्षा से जोड़ने वाले ऐसे प्रयासों का अपना विशेष महत्व है। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से उन्होंने मिशन से जुड़े सभी सामाजिक कार्यों की सराहना की और आगे भी शुभकामनाएं दीं।
स्वामी चिन्मयानंदजी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प
चिन्मय अमृत यात्रा को रवाना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंदजी के विचार समाज के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी को उनके बताए सत्मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्वामीजी के आध्यात्मिक चिंतन और भारतीय संस्कृति के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनके कार्यों से समाज को लंबे समय तक प्रेरणा मिलती रहेगी। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से चिन्मय मिशन और उससे जुड़े सभी कार्यकर्ताओं एवं अनुयायियों को शुभकामनाएं भी दीं।
छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश पहुंची यात्रा
चिन्मय अमृत यात्रा का सफर मध्य प्रदेश पहुंचने से पहले छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ। यात्रा प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के बाद रीवा, सतना, बैतूल और नर्मदापुरम से होते हुए भोपाल पहुंची। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा यात्रा को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद अब यह यात्रा झांसी की ओर आगे बढ़ेगी। यात्रा का उद्देश्य विभिन्न शहरों और क्षेत्रों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विचारों तथा स्वामी चिन्मयानंदजी के संदेश को लोगों तक पहुंचाना है।
पिछली यात्रा खंडवा और इंदौर से गुजरी थी
चिन्मय मिशन की पिछली चिन्मय अमृत यात्रा भी मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों से होकर गुजरी थी। उस यात्रा का मार्ग खंडवा और इंदौर से होकर निकला था। इस बार यात्रा का रूट अलग रखते हुए छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश में प्रवेश के बाद रीवा, सतना, बैतूल, नर्मदापुरम और भोपाल को जोड़ा गया है। भोपाल में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में यात्रा को आगे के लिए रवाना किया गया। इस तरह यात्रा के माध्यम से मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मिशन की आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास जारी है।
कार्यक्रम में मिशन से जुड़े लोग रहे मौजूद
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में स्वामी चिन्मयानंद मिशन के हेड एवं संरक्षक स्वामी मित्रानंद सरस्वती महाराज के साथ मिशन के अन्य अनुयायी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वामी चिन्मयानंदजी के योगदान और मिशन की गतिविधियों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मिशन के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यों की सराहना की। चिन्मय अमृत यात्रा के आगे बढ़ने के साथ अब झांसी और उसके बाद यात्रा के अगले पड़ावों में भी इसी तरह के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद है।