मुंबई - बॉलीवुड के दो बड़े सितारे अक्षय कुमार और सैफ अली खान लंबे समय बाद फिल्म ‘हैवान’ में साथ नजर आने वाले हैं। दोनों इससे पहले 2008 में रिलीज हुई फिल्म ‘टशन’ में साथ काम कर चुके हैं। ‘हैवान’ 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की सबसे खास बात यह है कि अक्षय कुमार पहली बार साइकोपैथ विलेन के अंदाज में नजर आएंगे, जबकि सैफ अली खान एक दृष्टिबाधित व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं।

‘ओप्पम’ से क्यों हो रही तुलना?
फिल्म की कहानी में एक दृष्टिबाधित व्यक्ति और खतरनाक विलेन के बीच टकराव देखने को मिलेगा। इसी वजह से इसकी तुलना मोहनलाल की 2016 की मलयालम हिट फिल्म ‘ओप्पम’ से की जा रही है। लंबे समय से ऐसी चर्चाएं थीं कि ‘हैवान’ इसी फिल्म का हिंदी रीमेक है। इन अटकलों को इसलिए भी बल मिला क्योंकि मोहनलाल खुद ‘हैवान’ में कैमियो करते नजर आएंगे।
प्रियदर्शन ने साफ किया सच
अब फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन ने इन चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा है कि ‘हैवान’ किसी फिल्म का सीधा रीमेक नहीं है। हालांकि, फिल्म का बेसिक आइडिया ‘ओप्पम’ से लिया गया है, लेकिन कहानी और उसका ट्रीटमेंट अलग है। प्रियदर्शन के मुताबिक, जब वह किसी पुरानी कहानी से प्रेरणा लेते हैं तो उसे ज्यों का त्यों दोहराने के बजाय नए माहौल और नए संदर्भ में पेश करते हैं।
‘भूल भुलैया’ और ‘गर्दिश’ का दिया उदाहरण
प्रियदर्शन ने उदाहरण देते हुए बताया कि ‘भूल भुलैया’ को उन्होंने ‘चंद्रमुखी’ से अलग तरीके से बनाया था और कहानी को भारतीय संस्कृति तथा उसके माहौलके मुताबिक ढाला था। इसी तरह ‘गर्दिश’ की मूल कहानी गांव की पृष्ठभूमि से जुड़ी थी, लेकिन उन्होंने उसे मुंबई के अंडरवर्ल्ड के माहौल में पेश किया। उनका कहना है कि वह कहानी से सिर्फ मूल विचार लेते हैं और फिर उसे अपनी शैली में नई शक्ल देते हैं।
अक्षय और सैफ की भिड़ंत होगी खास
‘हैवान’ में अक्षय कुमार और सैफ अली खान की आमने-सामने की टक्कर फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण मानी जा रही है। एक तरफ अक्षय का खतरनाक साइकोपैथ अवतार होगा, तो दूसरी ओर सैफ दृष्टिबाधित किरदार में चुनौती का सामना करते दिखेंगे। ऐसे में दर्शकों की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रियदर्शन ‘ओप्पम’ के मूल विचार को ‘हैवान’ में किस तरह एक नई कहानी और अलग सिनेमाई अंदाज के साथ पेश करते हैं।
