रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में बारिश का दौर बने रहने का अनुमान जताया है। 21 से 27 अगस्त 2026 के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी स्थिति बन सकती है। इसी बीच कवर्धा जिले के पंडरिया क्षेत्र से बारिश से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां ग्राम सरैहा में लगातार बारिश के बीच सालों पुराना बांध फूट गया। बांध का एक हिस्सा टूटने के बाद तेज रफ्तार से पानी बाहर निकलने लगा और आसपास के क्षेत्रों में फैल गया। इससे ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। आसपास के खेतों में पानी पहुंचने से बड़ी मात्रा में फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 21 अगस्त से 27 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर बना रह सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कुछ इलाकों में मौसम अचानक करवट ले सकता है और भारी बारिश के साथ गरज-चमक तथा बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा रहने का अनुमान है।
| तारीख | मौसम का अनुमान | चेतावनी |
|---|---|---|
| 21 अगस्त | प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना |
| 22 अगस्त | अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना |
| 23 अगस्त | अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना |
| 24 अगस्त | अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना |
| 25 अगस्त | अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना |
| 26 अगस्त | अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना |
| 27 अगस्त | अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश | एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना |
पंडरिया में बारिश के बीच फूटा पुराना बांध
कवर्धा जिले के पंडरिया क्षेत्र के ग्राम सरैहा में लगातार हो रही बारिश के बीच एक पुराना बांध टूट गया। बताया जा रहा है कि बांध में पहले ही एक छोटा छेद हो गया था। धीरे-धीरे यह छेद बड़ा होता गया और लगातार बारिश के कारण बांध का मिट्टी वाला हिस्सा कमजोर पड़ गया। इसके बाद पानी के दबाव और तेज बहाव के चलते बांध का एक हिस्सा टूट गया। बांध से बड़ी मात्रा में पानी बाहर निकलने के बाद आसपास के इलाकों में पानी फैल गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
सैकड़ों एकड़ फसल पर मंडराया नुकसान का खतरा
बांध टूटने के बाद सबसे ज्यादा चिंता आसपास के किसानों को अपनी फसलों को लेकर है। ग्रामीणों के अनुसार बांध से निकला पानी आसपास के खेतों की ओर फैल गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि यदि पानी का बहाव ज्यादा समय तक खेतों में बना रहा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। इससे किसानों पर आर्थिक संकट भी बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र का जल्द निरीक्षण कराया जाए और जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उनके नुकसान का सर्वे कराकर उचित राहत दी जाए।
बांध में पहले हुआ था छोटा छेद, समय पर मरम्मत नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक बांध में पहले एक छोटा सा होल दिखाई दिया था। उस समय यदि उसकी मरम्मत करा दी जाती तो स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता था। लेकिन धीरे-धीरे पानी के दबाव के कारण यह हिस्सा कमजोर होता गया। लगातार बारिश ने स्थिति को और गंभीर कर दिया और आखिरकार बांध का हिस्सा टूट गया। घटना के बाद ग्रामीण अब बांध के रखरखाव और समय पर मरम्मत को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने बांधों और जल संरचनाओं की नियमित जांच जरूरी है, खासकर मानसून के दौरान जब जलस्तर और पानी का दबाव लगातार बढ़ता रहता है।
बांध टूटने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीण
बांध टूटने की सूचना आसपास के गांवों में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मौके पर पानी का तेज बहाव दिखाई दिया। इस दौरान कुछ ग्रामीण पानी में जाल डालकर मछली पकड़ते हुए भी नजर आए। हालांकि, स्थानीय लोगों की मुख्य चिंता खेतों में पहुंच रहे पानी और उससे होने वाले संभावित नुकसान को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि बांध में पहले से समस्या दिखाई दे रही थी, लेकिन समय पर जरूरी कदम नहीं उठाए गए।
प्रशासन से फसल सर्वे और मुआवजे की मांग
बांध टूटने के बाद किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि बारिश और बांध टूटने के कारण यदि फसलों को नुकसान हुआ है तो उसकी वास्तविक स्थिति का मौके पर जाकर आकलन किया जाना चाहिए। सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन होने पर प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत या मुआवजा दिए जाने की मांग भी उठ रही है। फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
21 अगस्त को इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग की जिला स्तरीय जानकारी के अनुसार 21 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया शामिल हैं। यह Nowcast 21 अगस्त को दोपहर 1:59 बजे से शाम 4:59 बजे तक के लिए जारी किया गया था।
रायपुर में भी बादल और बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में भी 21 अगस्त को मौसम के पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। ऐसे में राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बारिश के साथ गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटे में भी कई जगह हुई बारिश
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम के आंकड़ों के अनुसार दुर्ग में 16.6 मिमी और राजनांदगांव में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, जगदलपुर में अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सुहावना हुआ है, लेकिन लगातार बारिश वाले इलाकों में जलभराव और निचले क्षेत्रों में पानी बढ़ने की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
गरज-चमक और वज्रपात के दौरान रहें सावधान
मौसम विभाग ने बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। बारिश के दौरान अगर आकाश में तेज गर्जना हो रही हो तो खुले मैदान, खेत या ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े होना भी सुरक्षित नहीं माना जाता। घर के अंदर रहना और बिजली के उपकरणों से उचित दूरी बनाए रखना ज्यादा सुरक्षित है। खासकर किसान और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर खुले स्थानों में काम करने से बचना चाहिए।
किसानों के लिए भी बढ़ी चिंता
एक तरफ मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक बारिश की संभावना जताई है, वहीं दूसरी तरफ कवर्धा में बांध टूटने की घटना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश से जहां खरीफ फसलों को पानी मिल रहा है, वहीं अत्यधिक बारिश और जलभराव फसलों के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में किसानों को खेतों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखनी होगी। जिन क्षेत्रों में नदी, नाला, बांध या जलाशय आसपास हैं, वहां विशेष सावधानी जरूरी है।