दतिया। मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा शुक्रवार को उपचुनाव के बाद पहली बार दतिया पहुंचे। लंबे अंतराल के बाद अपने क्षेत्र में पहुंचे नरोत्तम मिश्रा को देखने और उनसे मिलने के लिए समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में भीड़ जुटी। उनके पहुंचते ही माई कृपा परिसर में समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की और पूरे माहौल में उत्साह नजर आया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा के स्वागत के दौरान समर्थकों ने ‘नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद’ के साथ-साथ ‘देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया’ जैसे नारे लगाए। कार्यकर्ताओं में अपने नेता से मिलने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। कई समर्थक उनसे हाथ मिलाने और तस्वीरें लेने के लिए आगे आते नजर आए। हालांकि, लगातार हो रही नारेबाजी के बीच खुद नरोत्तम मिश्रा ने इशारा कर समर्थकों से शांत रहने को कहा।
पीतांबरा पीठ में दर्शन के बाद माई कृपा पहुंचे नरोत्तम मिश्रा
शुक्रवार सुबह दतिया पहुंचने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सबसे पहले प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और मां पीतांबरा का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे अपने निवास माई कृपा परिसर पहुंचे। उनके आने की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता पहले से ही वहां मौजूद थे। जैसे ही नरोत्तम मिश्रा परिसर में पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत नारेबाजी के साथ किया। देखते ही देखते परिसर में लोगों की भीड़ बढ़ गई और काफी देर तक कार्यकर्ताओं की आवाजाही बनी रही। समर्थकों का उत्साह इस बात से भी नजर आया कि कई लोग नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात करने के साथ उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने भी कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया और कुछ समय उनके बीच मौजूद रहे।
‘शेर आया-शेर आया’ के नारों पर नरोत्तम मिश्रा ने किया शांत रहने का इशारा
माई कृपा परिसर में समर्थकों की ओर से लगातार ‘शेर आया-शेर आया’ के नारे लगाए जा रहे थे। माहौल में कार्यकर्ताओं का उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। इसी बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने हाथ के इशारे से समर्थकों को नारेबाजी रोककर शांत रहने का संकेत दिया। उनके इशारे के बाद ‘शेर आया-शेर आया’ के नारे थम गए। हालांकि कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ। इसके बाद समर्थकों ने ‘भाजपा जिंदाबाद’ और ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ देर तक पूरा परिसर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में लग रहे नारों से गूंजता रहा। डॉ. नरोत्तम मिश्रा इस दौरान कार्यकर्ताओं के बीच ही मौजूद रहे और लोगों से मुलाकात करते हुए उनका अभिवादन स्वीकार करते रहे। उनके साथ दतिया जिले के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह भी नजर आए।
नरोत्तम मिश्रा बोले- राजनीतिक दौरा नहीं, धार्मिक यात्रा के सिलसिले में आया हूं
दतिया पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने दौरे को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनका दतिया आना किसी राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है, बल्कि वे धार्मिक यात्रा के सिलसिले में यहां पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें डबरा में अपनी बहन के यहां आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना है। इसी कार्यक्रम के सिलसिले में वे दतिया आए और यहां श्री पीतांबरा पीठ में दर्शन कर मां का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मीडिया की ओर से उनसे राजनीतिक गतिविधियों और दिल्ली जाने से जुड़े सवाल भी किए गए, लेकिन उन्होंने इन मुद्दों पर विस्तार से प्रतिक्रिया देने से बचना ही उचित समझा। समर्थकों की भीड़ और उनके स्वागत को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी माई के भक्त हैं।
जिला भाजपा कार्यकारिणी भंग होने के सवाल पर साधी चुप्पी
दतिया दौरे के दौरान मीडिया ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा से भाजपा की जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने से जुड़े सवाल भी पूछे। हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। बताया गया कि जब उनसे इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने माइक को अपने से दूर कर दिया और इस विषय पर टिप्पणी करने से परहेज किया। ऐसे में जिला संगठन से जुड़े इस सवाल पर उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। यह सवाल इसलिए भी अहम माना जा रहा था क्योंकि उपचुनाव के बाद दतिया में उनकी यह पहली यात्रा थी और उनके आगमन के दौरान कार्यकर्ताओं की मौजूदगी भी काफी चर्चा में रही।
उपचुनाव के बाद पहली बार दतिया पहुंचने पर समर्थकों में दिखा उत्साह
डॉ. नरोत्तम मिश्रा का दतिया दौरा भले ही उनके अनुसार धार्मिक यात्रा का हिस्सा रहा हो, लेकिन उपचुनाव के बाद पहली बार क्षेत्र में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में भी ध्यान खींचा। उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में समर्थकों का पहुंचना और लगातार नारेबाजी करना यह दिखाता है कि स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उनके प्रति उत्साह अभी भी बना हुआ है। हालांकि, नरोत्तम मिश्रा ने इस दौरान किसी राजनीतिक मुद्दे पर भाषण नहीं दिया और न ही उपचुनाव में भाजपा के प्रदर्शन या हार को लेकर कोई टिप्पणी की। उन्होंने अपना पूरा समय मुख्य रूप से धार्मिक दर्शन और कार्यकर्ताओं से मुलाकात में बिताया।
करीब आधे घंटे तक समर्थकों से मिले, फिर डबरा के लिए हुए रवाना
माई कृपा परिसर में डॉ. नरोत्तम मिश्रा करीब आधे घंटे तक रुके। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मुलाकात की। कई लोगों ने उनसे हाथ मिलाया और तस्वीरें भी खिंचवाईं। समर्थकों से मिलने के बाद वे डबरा के लिए रवाना हो गए, जहां उन्हें अपनी बहन के यहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना था। पूरे दौरे के दौरान उन्होंने किसी तरह का राजनीतिक भाषण नहीं दिया। इसके बावजूद उनके स्वागत में जुटी भीड़, ‘शेर आया-शेर आया’ के नारे और बाद में भाजपा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में हुई नारेबाजी के कारण उनका दतिया दौरा चर्चा का विषय बन गया।
दतिया दौरे ने बढ़ाई राजनीतिक हलकों में हलचल
डॉ. नरोत्तम मिश्रा की दतिया में वापसी ऐसे समय हुई है जब उपचुनाव के बाद क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों पर लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे में उनका दौरा भले ही धार्मिक कार्यक्रम से जुड़ा रहा हो, लेकिन समर्थकों की सक्रियता और स्थानीय संगठन से जुड़े सवालों ने इसे राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण बना दिया। हालांकि, डॉ. मिश्रा ने खुद इस दौरे को राजनीतिक गतिविधि से अलग बताया और किसी भी राजनीतिक सवाल पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की। अब आने वाले दिनों में उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर क्या तस्वीर सामने आती है, इस पर स्थानीय राजनीतिक जानकारों और समर्थकों की नजर रहेगी।