पुणे। 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर विमेंस नेशनल हॉकी चैंपियनशिप 2026 में मध्यप्रदेश की टीम का खिताब जीतने का सपना सेमीफाइनल मुकाबले में टूट गया। बेहद रोमांचक और उतार-चढ़ाव से भरे मुकाबले में गत चैंपियन झारखंड ने मध्यप्रदेश को पेनल्टी शूटआउट में 2-1 से मात देकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। मध्यप्रदेश की टीम ने मैच के आखिरी दौर तक बढ़त बनाए रखकर जीत की उम्मीद कायम रखी थी। 58वें मिनट तक एमपी के पास 1-0 की बढ़त थी, लेकिन मुकाबले के 59वें मिनट में झारखंड ने बराबरी का गोल दाग दिया। अंतिम मिनटों में मिली इस सफलता ने मैच का रुख बदल दिया। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में झारखंड ने बाजी मारते हुए फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
58 मिनट तक मध्यप्रदेश के हाथ में थी बढ़त
सेमीफाइनल मुकाबले में मध्यप्रदेश ने शुरुआत से ही झारखंड को कड़ी चुनौती दी। टीम ने मैच में अपना संतुलन बनाए रखा और लंबे समय तक झारखंड को बराबरी का मौका नहीं दिया। मध्यप्रदेश की टीम ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त हासिल की और यह बढ़त मैच के 58वें मिनट तक कायम रही। जैसे-जैसे मुकाबला अंतिम चरण में पहुंच रहा था, एमपी की टीम फाइनल में जगह बनाने के करीब दिखाई दे रही थी। लेकिन हॉकी के इस मुकाबले में आखिरी पलों ने पूरी कहानी बदल दी।
59वें मिनट में झारखंड ने की वापसी
मध्यप्रदेश की बढ़त टूटने में सिर्फ एक मिनट बाकी था। 59वें मिनट में झारखंड ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के साथ ही मुकाबला निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। मध्यप्रदेश की टीम के पास पूरे मुकाबले में बढ़त बचाने का मौका था, लेकिन झारखंड की आखिरी समय में की गई वापसी ने मैच को शूटआउट तक पहुंचा दिया। निर्धारित समय समाप्त होने तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। ऐसे में फाइनल में पहुंचने वाली टीम का फैसला पेनल्टी शूटआउट से होना तय हुआ।
पेनल्टी शूटआउट में झारखंड ने मारी बाजी
पेनल्टी शूटआउट में झारखंड ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 2-1 से हरा दिया। शूटआउट के नतीजे के साथ ही गत चैंपियन झारखंड ने लगातार एक और बार खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली। मध्यप्रदेश की टीम ने निर्धारित समय में जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसके बाद शूटआउट में हार निश्चित रूप से निराशाजनक रही। टीम महज आखिरी कुछ मिनटों में मिली बराबरी के बाद मुकाबला अपने पक्ष में नहीं कर सकी। झारखंड के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि टीम ने दबाव के बीच पहले निर्धारित समय में बराबरी हासिल की और फिर शूटआउट में जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया।
फाइनल में फिर झारखंड, एमपी के पास अब कांस्य पदक का मौका
सेमीफाइनल में जीत के साथ झारखंड ने एक बार फिर टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। गत चैंपियन टीम अब खिताब बचाने के लिए फाइनल मुकाबला खेलेगी। वहीं मध्यप्रदेश की टीम के पास अब टूर्नामेंट में पदक जीतने का एक और मौका मौजूद है। तीसरे स्थान के मुकाबले में एमपी का सामना हरियाणा और छत्तीसगढ़ के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा। यानी मध्यप्रदेश की टीम के लिए टूर्नामेंट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सेमीफाइनल की हार के बाद अब उसकी नजर कांस्य पदक पर होगी।
आखिरी मिनटों में बदला मैच का पूरा समीकरण
मध्यप्रदेश और झारखंड के बीच हुए इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत इसका रोमांचक अंत रहा। एक ओर मध्यप्रदेश 58वें मिनट तक 1-0 की बढ़त के साथ फाइनल की ओर बढ़ रहा था, वहीं अगले ही मिनट में झारखंड ने गोल कर मैच को बराबरी पर ला दिया। हॉकी में अंतिम मिनटों का महत्व इस मुकाबले में साफ देखने को मिला। मध्यप्रदेश के लिए जहां बढ़त को बरकरार रखना जरूरी था, वहीं झारखंड ने दबाव के बीच बराबरी का रास्ता निकाल लिया। इसके बाद शूटआउट में झारखंड ने धैर्य बनाए रखा और 2-1 की जीत के साथ फाइनल में पहुंच गया।
मध्यप्रदेश की टीम के लिए अभी टूर्नामेंट बाकी
सेमीफाइनल में हार के बावजूद मध्यप्रदेश की टीम के पास प्रतियोगिता में पदक जीतने का अवसर बना हुआ है। अब टीम तीसरे स्थान के मुकाबले पर ध्यान केंद्रित करेगी। एमपी का अगला मुकाबला हरियाणा और छत्तीसगढ़ के बीच होने वाले सेमीफाइनल के विजेता से होगा। इस मैच में जीत दर्ज करने पर मध्यप्रदेश की टीम टूर्नामेंट में तीसरे स्थान के साथ कांस्य पदक हासिल कर सकती है। ऐसे में सेमीफाइनल की निराशा को पीछे छोड़कर एमपी की खिलाड़ी अब अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेंगी।