शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। खनियाधाना में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान विधायक ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके विरोधी उन्हें फंसाने के लिए महिलाओं को उनके पास भेजते हैं और पूरी साजिश के तहत बातचीत को रिकॉर्ड करने की कोशिश की जाती है। विधायक के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रीतम लोधी की टिप्पणी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा शुरू हो गई है।
पाल-बघेल समाज के प्रदर्शन में दिया बयान
बताया गया कि 20 अगस्त को खनियाधाना में पाल-बघेल समुदाय की ओर से विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। यह प्रदर्शन अहिल्याबाई देवी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने की घटना के विरोध में किया गया था। कार्यक्रम में प्रीतम सिंह लोधी भी पहुंचे थे और उन्होंने मंच से प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान विधायक ने दावा किया कि उनके विरोधी खुद सामने आने के बजाय महिलाओं के माध्यम से उन्हें विवाद में फंसाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महिलाओं को पिछोर के डाक बंगले या रेस्ट हाउस में उनसे बातचीत करने के लिए भेजा जाता है और बातचीत के दौरान कोई व्यक्ति मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करता है। विधायक के मुताबिक, इसका उद्देश्य उन्हें उकसाकर ऐसी स्थिति पैदा करना है, जिसका बाद में उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सके।
'महिलाओं को भेजकर मुझे फंसाने की कोशिश'
वायरल वीडियो में प्रीतम लोधी अपने विरोधियों पर आरोप लगाते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि उन्हें फंसाने के लिए महिलाओं को भेजा जाता है। उनके मुताबिक, विरोधियों की ओर से महिलाओं से कहा जाता है कि वे उनसे बहस करें या कोई ऐसी बात कहें, जिससे वह प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर हों। विधायक ने दावा किया कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई व्यक्ति पास में मोबाइल लेकर खड़ा रहता है और बातचीत को रिकॉर्ड करता है। उनका कहना था कि यदि वह बहस में उलझते हैं और जवाब देते हैं तो बाद में उसी रिकॉर्डिंग के आधार पर उन्हें फंसाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ एक महिला के जरिए साजिश रचे जाने की जानकारी उन्हें मिली है और उनके विरोधी अलग-अलग महिलाओं को उनके पास भेजने की योजना बना रहे हैं।
376 के मामले में फंसाने का भी लगाया आरोप
प्रीतम लोधी ने अपने संबोधन में यह भी आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक विरोधी उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 376 से जुड़े मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, विधायक द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। किसी व्यक्ति या समूह पर लगाए गए ऐसे गंभीर आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
वीडियो वायरल होने के बाद फिर चर्चा में विधायक
प्रीतम लोधी के बयान का वीडियो सामने आने के बाद उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। विधायक इससे पहले भी अपने बयानों के कारण विवादों में रह चुके हैं। यही वजह है कि उनके ताजा बयान को लेकर भी राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया की संभावना बढ़ गई है। वायरल वीडियो में विधायक अपने विरोधियों पर राजनीतिक साजिश रचने का आरोप लगाते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील करते नजर आते हैं। उन्होंने अपने समर्थकों के सामने यह भी बताने की कोशिश की कि किस तरह कथित तौर पर उन्हें विवाद में फंसाने की योजना बनाई जा सकती है।
अहिल्याबाई देवी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का मामला
यह पूरा मामला उस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जो खनियाधाना में अहिल्याबाई देवी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। पाल-बघेल समुदाय के लोगों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की। इसी प्रदर्शन के मंच से विधायक प्रीतम लोधी ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा और अपने खिलाफ कथित साजिश का आरोप लगाया।
पहले भी विवादित बयानों से सुर्खियों में रहे हैं प्रीतम लोधी
प्रीतम सिंह लोधी अपने बयानों को लेकर पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं। उनके कई बयानों पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद हो चुका है। ताजा मामले में भी उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित विरोधियों या अन्य पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विधायक द्वारा बताए गए कथित घटनाक्रम के पीछे वास्तव में क्या मामला है।