रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के रायपुर केंद्र ने 22 अगस्त 2026 की सुबह 4 बजे जारी चेतावनी में बस्तर जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक बस्तर में ऑरेंज अलर्ट 22 अगस्त को सुबह 4 बजे से सुबह 7 बजे तक प्रभावी रहा। इसके अलावा प्रदेश के छह जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, कबीरधाम, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा शामिल हैं। इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।
अगले कई दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में भी मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है। 22 से 27 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। यानी बारिश और बादलों के बीच तापमान लगभग इसी स्तर के आसपास बना रह सकता है।
पिछले 24 घंटे में कई इलाकों में बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक दुर्ग में 16.6 मिमी, राजनांदगांव में 14 मिमी, माना विमानतल में 4.1 मिमी और लालपुर रायपुर में 2.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा पेण्ड्रारोड में 2.6 मिमी और जगदलपुर में 0.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे साफ है कि बारिश का प्रभाव प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मौसमी उप-विभागीय बारिश सामान्य श्रेणी में रही है और सामान्य से करीब 7 प्रतिशत का अंतर दर्ज किया गया है।
रायपुर में भी बारिश और गरज-चमक के आसार
राजधानी रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शहर में बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश के कारण राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सुहावना बना रह सकता है, हालांकि गरज-चमक के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
बस्तर संभाग में खास सतर्कता की जरूरत
बस्तर में ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जैसे जिलों में भी येलो अलर्ट है। ऐसे में ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। मौसम विभाग की वेबसाइट पर छत्तीसगढ़ के लिए जिला-स्तरीय चेतावनी और मौसम संबंधी अपडेट उपलब्ध कराए जाते हैं। IMD रायपुर मौसम केंद्र
बिजली गिरने के दौरान क्या करें?
गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति में मौसम विभाग ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। गड़गड़ाहट सुनाई देने पर खुले मैदान, खेत या सड़क पर खड़े रहने के बजाय घर के अंदर या किसी सुरक्षित पक्के भवन में चले जाना बेहतर है। लोगों को विशेष रूप से पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचने, बिजली की लाइनों और खंभों से दूरी बनाए रखने तथा गरज-चमक के दौरान बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए भी मौसम विभाग की सलाह
बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए किसानों को खुले में रखे कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश से फसल और उपज को नुकसान न हो। वहीं बागवानों और सब्जी उत्पादकों को ओलावृष्टि की स्थिति में उपलब्धता के अनुसार एंटी-हेल नेट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून सक्रिय है और अगले कई दिनों तक बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। बस्तर में ऑरेंज अलर्ट और छह जिलों में येलो अलर्ट के बीच लोगों को गरज-चमक और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 27 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।