भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मानसून टर्फ, चक्रवाती सिस्टम और निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम बना हुआ है। पिछले दो दिनों से खासकर पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं, जबकि कुछ जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 16 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें सिवनी और बालाघाट के लिए ऑरेंज अलर्ट है, जहां अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
सिवनी-बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
IMD मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन दोनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है।इसके अलावा दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और अशोकनगर में भारी बारिश का अलर्ट है।
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। लगातार बारिश के चलते जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना भी बनी हुई है।
24 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
इस समय मध्यप्रदेश में तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इन्हीं के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना हुआ है।फिलहाल पूर्वी मध्यप्रदेश के साथ उत्तर और मध्य हिस्सों में भी बारिश हो रही है। मौसम गतिविधियों के धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं। 24 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
इन जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी मौसम सक्रिय रहेगा।इन जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
नर्मदा-मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश की नदियों और जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को डिंडौरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने रहे।नर्मदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदी किनारे बसे क्षेत्रों और निचले इलाकों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
कई जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी बंद
भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मैहर और डिंडौरी में शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई थी। डिंडौरी में आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रहे।
बांधों के गेट खोलकर छोड़ा जा रहा पानी
भारी बारिश के कारण जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई है। पन्ना में तेंदुघाट बांध के 5 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है।वहीं उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के दो गेट एक-एक मीटर तक खोले गए हैं। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए यहां से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
पूर्वी MP के बाद मध्य और पश्चिमी हिस्सों में बढ़ेगी बारिश
मौसम सिस्टम के प्रभाव से फिलहाल पूर्वी मध्यप्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश और जलभराव की स्थिति बन सकती है।