भोपाल: मध्य प्रदेश के जेल और कृषि विभाग में पदोन्नति और नई पदस्थापना को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जेल विभाग में डीआईजी की पात्रता रखने वाले अधिकारी अभी भी सेंट्रल जेल अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि वरिष्ठ पदों के कई पद खाली हैं। वहीं कृषि विभाग में 1,087 से ज्यादा अधिकारी पदोन्नति के बाद नवीन पदस्थापना आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
जेल विभाग में डीआईजी के 4 में से 3 पद खाली
जेल विभाग में प्रमोशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद जून में ग्रेडिंग और डीपीसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पदोन्नति आदेश जारी होने थे। हालांकि, फाइल मंत्रालय में लंबित रहने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
इसके चलते डीआईजी पद की पात्रता रखने वाले कुछ अधिकारी अभी भी सेंट्रल जेलों में अधीक्षक के तौर पर काम कर रहे हैं।
इनमें अखिलेश तोमर- सेंट्रल जेल जबलपुर, दिनेश नरगावे- इंदौर, संतोष सोलंकी- नर्मदापुरम और शेफाली तिवारी- बड़वानी शामिल हैं।
जेल विभाग में कई वरिष्ठ पद रिक्त
विभाग में वरिष्ठ पदों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है।
- डीआईजी: 4 में से 3 पद खाली
- सेंट्रल जेल अधीक्षक: 12 में से 7 पद रिक्त
- जिला जेल अधीक्षक: 44 में से 24 पद खाली
- कल्याण अधिकारी: 6 में से 3 पद रिक्त
- प्रमोशन प्रक्रिया लंबित होने का असर इन पदों की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
कृषि विभाग में 1,087 से ज्यादा अधिकारी पोस्टिंग के इंतजार में
कृषि विभाग में अलग-अलग संवर्गों के 1,087 से अधिक पदोन्नत अधिकारी नवीन पदस्थापना आदेश का इंतजार कर रहे हैं। विभाग में 12 जुलाई तक विभिन्न संवर्गों के प्रमोशन ऑर्डर जारी हो चुके हैं, लेकिन नई पोस्टिंग नहीं होने से अधिकारी फिलहाल इंतजार में हैं।
इनमें प्रमुख रूप से:
- कृषि विस्तार अधिकारी से कृषि विकास अधिकारी — 732
- वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से सहायक संचालक कृषि — 109
- सहायक संचालक कृषि से उपसंचालक कृषि — 87
- सर्वेयर से कृषि विकास अधिकारी — 70
- कृषि विकास अधिकारी से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी — 69
- उपसंचालक कृषि से संयुक्त संचालक कृषि — 18
- संयुक्त संचालक कृषि से अवर संचालक कृषि — 2
11 संभागों में प्रभारी संयुक्त संचालक
नई पोस्टिंग नहीं होने का असर संभाग और जिला स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। जबलपुर संभाग को छोड़कर भोपाल समेत बाकी 11 संभागों में प्रभारी संयुक्त संचालक व्यवस्था संभाल रहे हैं। इसके अलावा करीब दो दर्जन जिलों में सहायक संचालक, उपसंचालक के पद का प्रभार संभाल रहे हैं।
कृषि विभाग ने बताया- अनुमोदन के बाद भेजी जा रही सूची
कृषि मंत्री के विशेष सहायक जीएस बघेल के अनुसार, जैसे-जैसे पदोन्नति की सूची प्राप्त हो रही है, उसे अनुमोदन के बाद मंत्रालय भेजा जा रहा है। वहीं जेल विभाग के उप सचिव कमल नागर ने बताया कि 800 से अधिक प्रमोशन हो चुके हैं। उनके अनुसार फिलहाल क्लास-2 और क्लास-1 स्तर के प्रमोशन का मामला सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में विचाराधीन है। इस पूरी स्थिति के कारण दोनों विभागों में पदोन्नति के बावजूद नई जिम्मेदारियां नहीं मिलने और कई पदों के प्रभार के भरोसे चलने का मामला सामने आया है।