सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में ऑटो चालक के घर से मिले 3.2 करोड़ रुपये नकद के मामले में जांच एजेंसी लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। तिली तिगड्डा इलाके में ड्राइवर सौरभ अहिरवार के घर से 16 अगस्त को बरामद हुई भारी-भरकम नकदी के मामले में अब लोकायुक्त ने रिटायर्ड PWD इंजीनियर समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इससे मामले की जांच और गहरी हो गई है। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इतनी बड़ी रकम आखिर कहां से आई और इसका वास्तविक स्रोत क्या है। शुरुआती तौर पर परिवार की ओर से नकदी को रिश्तेदार की रकम बताया गया था, लेकिन करोड़ों रुपये कैश में मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
रिटायर्ड PWD इंजीनियर समेत चार लोगों पर केस
जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त ने भोपाल निवासी रिटायर्ड PWD इंजीनियर रमेश कुमार अहिरवार, उनकी पत्नी सहोद्रा बाई समेत कुल चार लोगों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मामला दर्ज किया है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी अब बरामद रकम के स्रोत और संबंधित लोगों की संपत्तियों एवं आय के बीच संभावित अंतर की जांच करेगी।
ड्राइवर के घर से कैसे मिला 3.2 करोड़ का कैश?
16 अगस्त को सागर के तिली तिगड्डा इलाके में ऑटो चालक सौरभ अहिरवार के मकान पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान करीब 3.2 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। नोटों से भरे बैग और अलमारी में रखी इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई थी। मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, नकदी मिलने के बाद यह सवाल उठने लगा कि एक ऑटो चालक के घर में इतनी बड़ी रकम आखिर किसकी थी और इसे वहां क्यों रखा गया था। अब लोकायुक्त की FIR के बाद इस सवाल का जवाब तलाशने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
नकदी और अलमारी लोकायुक्त की कस्टडी में
पुलिस द्वारा जब्त की गई पूरी नकदी के साथ-साथ नोटों से भरी अलमारी को भी लोकायुक्त ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। इससे जांच एजेंसी को बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और रकम के स्रोत की पड़ताल करने में मदद मिलेगी। जांच एजेंसी अब यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि नकदी किसके कब्जे में थी, इसे कहां से लाया गया और इसके लेन-देन से जुड़े कोई दस्तावेज या अन्य साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं।
DSP के नेतृत्व में 5 सदस्यीय टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए DSP के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई है। टीम नकदी की बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। जांच में संबंधित लोगों की आय, संपत्ति, बैंक खातों और रकम के संभावित स्रोत समेत कई बिंदुओं को खंगाला जा सकता है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद रकम का वास्तविक स्रोत क्या था और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
करोड़ों की नकदी ने खड़े किए कई सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी रकम एक सामान्य मकान में किस उद्देश्य से रखी गई थी। जांच एजेंसी के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि रकम किसी वैध स्रोत से आई थी या फिर इसके पीछे कोई अवैध लेन-देन था। लोकायुक्त की FIR के बाद अब मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है। जांच के दौरान यदि अतिरिक्त साक्ष्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
- 16 अगस्त: सागर के तिली तिगड्डा इलाके में ऑटो चालक सौरभ अहिरवार के घर से करीब 3.2 करोड़ रुपये नकद बरामद।
- बरामदगी: नोटों से भरे बैग और अलमारी से भारी मात्रा में कैश मिला।
- बाद की कार्रवाई: मामला लोकायुक्त जांच के दायरे में आया।
- FIR: रिटायर्ड PWD इंजीनियर रमेश कुमार अहिरवार, उनकी पत्नी सहोद्रा बाई समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज।
- जांच: DSP के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष टीम गठित।
- अगला फोकस: रकम के स्रोत और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच।
नोट: बरामद नकदी और लोकायुक्त द्वारा दर्ज FIR से संबंधित आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। खबर में आरोपों को जांच एजेंसी की कार्रवाई के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।