भोपाल: राजधानी भोपाल में मौसम में बदलाव के साथ स्वाइन फ्लू और मौसमी फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। शहर के प्रमुख अस्पतालों की ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जेपी, हमीदिया और AIIMS में बढ़ी मरीजों की संख्या
भोपाल के जेपी अस्पताल, हमीदिया अस्पताल और एम्स में फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, ओपीडी में आने वाले कई मरीजों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि भोपाल में अब तक स्वाइन फ्लू के 6 मामले सामने आए हैं और सभी मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं।
हर चौथे मरीज में फ्लू जैसे लक्षण
चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बदलाव के कारण वायरल और फ्लू संबंधी संक्रमण तेजी से फैल सकता है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिनमें सर्दी-खांसी, बुखार और स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉक्टरों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
- तेज या लगातार बना रहने वाला बुखार
- लगातार बढ़ती खांसी
- सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना
- सीने में तेज दर्द या दबाव
- ऑक्सीजन लेवल कम होना
खुद से दवा लेने से बचें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने की अपील की गई है।
मौसम में बदलाव के दौरान बुजुर्गों, बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह से संक्रमण की गंभीरता को कम किया जा सकता है।