जयपुर। राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावी मैदान में उतरने से पहले पार्टी ने स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। भाजपा की ओर से जारी सूची में 10 प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों के लिए कुल 31 वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया गया है। इनमें पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, विधायक, राज्य सरकार के मंत्री और पार्टी संगठन के पदाधिकारी शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश के बाद जारी इस सूची के जरिए पार्टी ने अलग-अलग शहरों में चुनावी तैयारियों की निगरानी की जिम्मेदारी अनुभवी नेताओं को सौंपी है। इन नेताओं को स्थानीय संगठन, कार्यकर्ताओं और चुनाव संचालन से जुड़े मामलों में समन्वय स्थापित करने की भूमिका निभानी होगी।
10 प्रमुख नगर निकाय क्षेत्रों पर BJP का फोकस
भाजपा ने जिन 10 प्रमुख क्षेत्रों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, उनमें बीकानेर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, पाली, जोधपुर, उदयपुर और कोटा शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में पार्टी ने तीन-तीन वरिष्ठ नेताओं की टीम बनाई है। संबंधित टीम में एक नेता को संभागीय चुनाव संचालन समिति के प्रभारी की भूमिका दी गई है, जबकि अन्य नेताओं को सह-पर्यवेक्षक के तौर पर जिम्मेदारी मिली है। इस व्यवस्था के जरिए पार्टी स्थानीय चुनावी गतिविधियों की निगरानी के साथ-साथ संगठन और चुनाव संचालन समितियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश करेगी।
बीकानेर नगर निगम में राजेन्द्र गहलोत की अगुवाई में टीम
बीकानेर नगर निगम क्षेत्र के लिए भाजपा ने वरिष्ठ नेताओं की टीम बनाई है। यहां राजेन्द्र गहलोत को संभागीय चुनाव संचालन समिति का प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्रपाल सिंह टी.टी. और राजस्थान सरकार में मंत्री के.के. विश्नोई को जिम्मेदारी दी गई है।
| क्रम | पर्यवेक्षक | दायित्व |
|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र गहलोत | प्रभारी संभागीय चुनाव संचालन समिति एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य |
| 2 | सुरेन्द्रपाल सिंह टी.टी. | प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा |
| 3 | के.के. विश्नोई | मंत्री, राजस्थान सरकार |
बीकानेर में पार्टी की यह टीम स्थानीय संगठन की तैयारियों, चुनावी गतिविधियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय पर नजर रखेगी।
जयपुर में प्रभु लाल सैनी को मिली मुख्य जिम्मेदारी
राजधानी जयपुर को भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण चुनावी क्षेत्र माना जा रहा है। यहां पार्टी ने प्रभु लाल सैनी को संभागीय चुनाव संचालन समिति का प्रभारी बनाया है। उनके साथ राजस्थान सरकार के मंत्री सुरेश सिंह रावत और विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप धनकड़ को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
| क्रम | पर्यवेक्षक | दायित्व |
|---|---|---|
| 4 | प्रभु लाल सैनी | प्रभारी संभागीय चुनाव संचालन समिति एवं पूर्व मंत्री |
| 5 | सुरेश सिंह रावत | मंत्री, राजस्थान सरकार |
| 6 | कुलदीप धनकड़ | विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता |
जयपुर में पार्टी के सामने शहरी मतदाताओं के बीच संगठन को मजबूत रखने और स्थानीय स्तर पर चुनावी रणनीति को प्रभावी बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
अलवर में शंकर सिंह राजपुरोहित संभालेंगे चुनावी निगरानी
अलवर नगर निगम क्षेत्र में भाजपा ने शंकर सिंह राजपुरोहित को प्रभारी बनाया है। वे पूर्व विधायक रह चुके हैं। उनके साथ राज्य सरकार के मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है।
| क्रम | पर्यवेक्षक | दायित्व |
|---|---|---|
| 7 | शंकर सिंह राजपुरोहित | प्रभारी संभागीय चुनाव संचालन समिति एवं पूर्व विधायक |
| 8 | जवाहर सिंह बेढ़म | मंत्री, राजस्थान सरकार |
| 9 | रामलाल शर्मा | प्रदेश मुख्य प्रवक्ता, भाजपा |
यह टीम अलवर क्षेत्र में पार्टी की चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम करेगी।
भरतपुर में अशोक परनामी को कमान
भरतपुर नगर निगम क्षेत्र के लिए भाजपा ने पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी को मुख्य जिम्मेदारी दी है। उनके साथ प्रदेश उपाध्यक्ष छगन माहुर और राजस्थान सरकार के मंत्री संजय शर्मा को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
| क्रम | पर्यवेक्षक | दायित्व |
|---|---|---|
| 10 | अशोक परनामी | प्रभारी संभागीय चुनाव संचालन समिति एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा |
| 11 | छगन माहुर | प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा |
| 12 | संजय शर्मा | मंत्री, राजस्थान सरकार |
भरतपुर में यह टीम चुनावी तैयारियों को लेकर स्थानीय संगठन के साथ समन्वय स्थापित करेगी।
अजमेर में डॉ. अरुण चतुर्वेदी की अगुवाई
अजमेर नगर निगम के लिए भाजपा ने डॉ. अरुण चतुर्वेदी को संभागीय चुनाव संचालन समिति का प्रभारी बनाया है। डॉ. चतुर्वेदी वर्तमान में वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं। उनके साथ भाजपा एसटी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष गोपीचन्द मीणा और राजस्थान सरकार के मंत्री हीरालाल नागर को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
| क्रम | पर्यवेक्षक | दायित्व |
|---|---|---|
| 13 | डॉ. अरुण चतुर्वेदी | प्रभारी संभागीय चुनाव संचालन समिति एवं अध्यक्ष, वित्त आयोग |
| 14 | गोपीचन्द मीणा | प्रदेशाध्यक्ष, एसटी मोर्चा |
| 15 | हीरालाल नागर | मंत्री, राजस्थान सरकार |
भीलवाड़ा में देवजी भाई पटेल को जिम्मेदारी
भीलवाड़ा नगर निगम क्षेत्र के लिए भाजपा ने पूर्व सांसद देवजी भाई पटेल को संभागीय चुनाव संचालन समिति का प्रभारी बनाया है। उनके साथ राजस्थान सरकार के मंत्री गौतम दक और भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. महेन्द्र कुमावत को जिम्मेदारी दी गई है।
| क्रम | पर्यवेक्षक | दायित्व |
|---|---|---|
| 16 | देवजी भाई पटेल | प्रभारी संभागीय चुनाव संचालन समिति एवं पूर्व सांसद |
| 17 | गौतम दक | मंत्री, राजस्थान सरकार |
| 18 | डॉ. महेन्द्र कुमावत | प्रदेशाध्यक्ष, ओबीसी मोर्चा |
पाली में सी.आर. चौधरी की अगुवाई में टीम
पाली नगर निगम क्षेत्र के लिए भाजपा ने कृषि आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी को संभागीय चुनाव संचालन समिति का प्रभारी बनाया है। उनके साथ राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और पूर्व सांसद सुमेधानन्द सरस्वती को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी मिली है।
| क्रम | पर्यवेक्षक | दायित्व |
|---|---|---|
| 19 | सी.आर. चौधरी | प्रभारी संभागीय चुनाव संचालन समिति एवं अध्यक्ष, कृषि आयोग |
| 20 | जोगेश्वर गर्ग | मुख्य सचेतक, राजस्थान विधानसभा |
| 21 | सुमेधानन्द सरस्वती | पूर्व सांसद, सीकर |
जोधपुर में ओंकार सिंह लखावत को मिली कमान
पश्चिमी राजस्थान के महत्वपूर्ण शहर जोधपुर में भाजपा ने ओंकार सिंह लखावत को संभागीय चुनाव संचालन समिति का प्रभारी बनाया है। लखावत राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष हैं। उनके साथ राज्य सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत और भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किशोर सिंह कानोड को जिम्मेदारी दी गई है।
| क्रम | पर्यवेक्षक | दायित्व |
|---|---|---|
| 22 | ओंकार सिंह लखावत | प्रभारी संभागीय चुनाव संचालन समिति एवं अध्यक्ष, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण |
| 23 | जोराराम कुमावत | मंत्री, राजस्थान सरकार |
| 24 | किशोर सिंह कानोड | प्रदेश कार्यसमिति सदस्य |
उदयपुर में राजेन्द्र राठौड़ को जिम्मेदारी
मेवाड़ क्षेत्र के प्रमुख शहर उदयपुर में भाजपा ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ को संभागीय चुनाव संचालन समिति का प्रभारी बनाया है। उनके साथ भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी और पूर्व मंत्री कालू लाल गुर्जर को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
| क्रम | पर्यवेक्षक | दायित्व |
|---|---|---|
| 25 | राजेन्द्र राठौड़ | प्रभारी संभागीय चुनाव संचालन समिति एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष |
| 26 | कैलाश चौधरी | प्रदेशाध्यक्ष, किसान मोर्चा |
| 27 | कालू लाल गुर्जर | पूर्व मंत्री, राजस्थान सरकार |
कोटा में मेघराज लोहिया की अगुवाई
हाड़ौती क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक केंद्र कोटा नगर निगम के लिए भाजपा ने मेघराज लोहिया को मुख्य जिम्मेदारी दी है। वे लघु उद्योग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके साथ राजस्थान सरकार के मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, टोंक-सवाई माधोपुर के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया और भरतपुर की पूर्व सांसद रंजीता कोली को सूची में शामिल किया गया है।
| क्रम | पर्यवेक्षक | दायित्व |
|---|---|---|
| 28 | मेघराज लोहिया | प्रभारी संभागीय चुनाव संचालन समिति एवं पूर्व अध्यक्ष, लघु उद्योग बोर्ड |
| 29 | कन्हैया लाल चौधरी | मंत्री, राजस्थान सरकार |
| 30 | सुखबीर सिंह जौनपुरिया | पूर्व सांसद, टोंक-सवाई माधोपुर |
| 31 | रंजीता कोली | पूर्व सांसद, भरतपुर |
नोट: उपलब्ध सूची के अनुसार कोटा के लिए चार नाम दर्ज हैं, जबकि बाकी अधिकांश नगर निगम क्षेत्रों में तीन-तीन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इसलिए कुल नामों का आंकड़ा 31 बताया गया है।
BJP की रणनीति में वरिष्ठ नेताओं को क्यों मिली अहम भूमिका?
निकाय चुनावों में स्थानीय संगठन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। विधानसभा या लोकसभा चुनावों की तुलना में नगर निकाय चुनाव सीधे स्थानीय मुद्दों, वार्ड स्तर के समीकरण और उम्मीदवार चयन से जुड़े होते हैं। ऐसे में भाजपा ने अनुभवी नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर उन्हें स्थानीय संगठन के साथ तालमेल की जिम्मेदारी दी है। इन नेताओं की भूमिका में चुनावी तैयारियों की समीक्षा, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और पार्टी संगठन की रणनीति को जमीनी स्तर तक पहुंचाना प्रमुख हो सकता है। इसके अलावा वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले मतभेदों और संगठनात्मक चुनौतियों को समय रहते संभालने में भी पार्टी को मदद मिल सकती है।
निकाय चुनाव से पहले भाजपा ने बढ़ाई सक्रियता
राजस्थान में नगर निकाय चुनावों को लेकर अभी से राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। भाजपा की ओर से पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को इसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। 10 प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं की तैनाती के बाद अब स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक बैठकों और चुनावी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। पार्टी के सामने अपने शहरी क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय रखने के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों और संभावित उम्मीदवारों को लेकर रणनीति तैयार करने की चुनौती भी होगी।