भोपाल: मध्य प्रदेश में किसानों को खाद की आसान और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने 'ई-विकास 2.0' व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब किसान अपनी जरूरत के मुताबिक खाद खरीद सकेंगे। तय अनुशंसा से अधिक उर्वरक लेने पर पहली बार में किसानों को अतिरिक्त कारण या दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही कृषि विभाग ने 20 अगस्त से फार्मर ID बनाने, अग्रिम खाद उठाव और PACS की सदस्यता दिलाने के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया है।
अब जरूरत के हिसाब से खरीद सकेंगे खाद
नई व्यवस्था के तहत ICAR की फसलवार अनुशंसा के अनुसार या उससे अधिक मात्रा में खाद की जरूरत होने पर किसान पहली बार में ही अपनी आवश्यकता के मुताबिक उर्वरक खरीद सकेंगे। इसके लिए किसान से अतिरिक्त कारण बताने या अलग से दस्तावेज जमा कराने की बाध्यता नहीं होगी। इससे खाद खरीदने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान होने की उम्मीद है।
बढ़ाई जा सकेगी टोकन की सीमा
मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों पर प्रतिदिन जनरेट होने वाले 300 टोकन की मौजूदा सीमा को जरूरत के अनुसार बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा टोकन जारी होने के बाद उसे 24 घंटे के भीतर निरस्त करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
फसल खराब होने पर दोबारा मांग सकेंगे खाद
अगर किसी किसान की फसल किसी कारण से खराब हो जाती है और उसे दोबारा खाद की जरूरत पड़ती है, तो वह फिर से उर्वरक की मांग कर सकेगा।
ऐसे विशेष मामलों में संबंधित तहसीलदार या एसडीएम को 48 घंटे के भीतर स्वीकृति देने का प्रावधान किया गया है।
खाद से जुड़ी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर
किसानों की खाद संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कृषि विभाग ने 7880223344 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इस नंबर पर शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।
WhatsApp Bot से मिलेगी खाद की जानकारी
किसानों की सुविधा के लिए जल्द ही ई-विकास 2.0 पर WhatsApp Bot की सुविधा भी शुरू की जाएगी।
किसान अपने मोबाइल से 'HELP' या 'मदद' लिखकर खाद से जुड़ी कई जानकारियां हासिल कर सकेंगे। इसमें:
- टोकन की स्थिति
- रिटेलर की जानकारी
- खाद की उपलब्धता
- खाद उठाव की तारीख
- टोकन की वैधता
जैसी जानकारी शामिल होगी।
Farmer ID और PACS सदस्यता के लिए अभियान
कृषि विभाग ने 20 अगस्त से विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत किसानों की Farmer ID बनाई जाएगी, अग्रिम खाद उठाव की सुविधा दी जाएगी और किसानों को PACS की सदस्यता दिलाई जाएगी।
केंद्र से भी किए गए ये अनुरोध
कृषि विभाग ने केंद्र सरकार से iFMS और ई-विकास पोर्टल के एकीकरण का अनुरोध किया है। इसके अलावा दो अलग-अलग बिक्री केंद्रों की POS मशीन से खाद लेने के बीच लागू 60 मिनट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग भी की गई है। सरकार के इन बदलावों का उद्देश्य खाद वितरण व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाना है।