नई दिल्ली। शनिवार, 22 अगस्त 2026 को भारत से लेकर अफगानिस्तान और म्यांमार तक कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के चंबा में दो बार, अफगानिस्तान में दो बार और म्यांमार क्षेत्र में भी भूकंप दर्ज किए गए। इनमें सबसे ज्यादा 4.3 तीव्रता का भूकंप अफगानिस्तान में आया। राहत की बात यह है कि शनिवार को दर्ज किए गए ये सभी भूकंप अपेक्षाकृत कम से मध्यम तीव्रता के थे। फिलहाल इन झटकों से बड़े स्तर पर नुकसान या जनहानि की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
चंबा में दो बार आया भूकंप
हिमाचल प्रदेश के चंबा में शनिवार को दो बार धरती हिली। NCS के अनुसार पहला भूकंप रात 1 बजकर 25 मिनट 55 सेकंड पर आया। इसकी तीव्रता 2.8 थी और भूकंप का केंद्र करीब 15 किलोमीटर की गहराई में था। इसके बाद सुबह 6 बजकर 20 मिनट 53 सेकंड पर चंबा में फिर भूकंप आया। इस बार इसकी तीव्रता 2.5 मापी गई और इसकी गहराई करीब 5 किलोमीटर थी। दोनों घटनाओं को NCS ने रिव्यू किया है।
अफगानिस्तान में सबसे तेज झटका
शनिवार को सबसे ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप अफगानिस्तान में दर्ज किया गया। NCS के अनुसार सुबह 4 बजकर 43 मिनट 42 सेकंड पर अफगानिस्तान में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र करीब 157 किलोमीटर गहराई में था। इससे पहले सुबह 3 बजकर 24 मिनट 47 सेकंड पर भी अफगानिस्तान में 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इस भूकंप की गहराई करीब 34 किलोमीटर थी। अफगानिस्तान और इसके आसपास का क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। यहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं।
म्यांमार क्षेत्र में भी दो झटके
म्यांमार क्षेत्र में भी शनिवार को भूकंप दर्ज किया गया। NCS के मुताबिक 12 बजकर 53 मिनट 46 सेकंड पर 3.3 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र करीब 126 किलोमीटर गहराई में था NCS के रिकॉर्ड में शनिवार के लिए म्यांमार का यह 3.3 तीव्रता वाला भूकंप दर्ज है।
एक ही दिन में कई जगह भूकंप से मचा हड़कंप
भारत, अफगानिस्तान और म्यांमार क्षेत्र में एक ही दिन कई भूकंप दर्ज होने से लोगों में चिंता जरूर बढ़ी है। हालांकि, इन घटनाओं में दर्ज तीव्रता को देखते हुए फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
भूकंप का असर केवल उसकी तीव्रता पर निर्भर नहीं करता। भूकंप की गहराई, केंद्र से दूरी और स्थानीय जमीन की संरचना भी यह तय करती है कि झटके कितने महसूस होंगे और नुकसान कितना हो सकता है।
क्यों आते हैं भूकंप?
भूकंप का मुख्य कारण पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल है। पृथ्वी की ऊपरी परत कई बड़ी और छोटी प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार धीरे-धीरे गति करती रहती हैं। कई बार प्लेटों की गति के कारण चट्टानों और भ्रंश क्षेत्रों में तनाव जमा होता रहता है। जब यह तनाव अचानक बाहर निकलता है तो बड़ी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है। यही ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलती है और धरती हिलने लगती है। हर भूकंप खतरनाक हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कम तीव्रता और अधिक गहराई वाले भूकंप कई बार केवल हल्के झटकों के रूप में महसूस होते हैं।
शनिवार के प्रमुख भूकंप एक नजर में
| स्थान | समय | तीव्रता | गहराई |
|---|---|---|---|
| चंबा, हिमाचल | 1:25 AM | 2.8 | 15 किमी |
| अफगानिस्तान | 3:24 AM | 4.2 | 34 किमी |
| अफगानिस्तान | 4:43 AM | 4.3 | 157 किमी |
| चंबा, हिमाचल | 6:20 AM | 2.5 | 5 किमी |
| म्यांमार क्षेत्र | 12:53 AM | 3.3 | 126 किमी |