जयपुर। राजस्थान में मानसून की रफ्तार एक बार फिर कमजोर पड़ती नजर आ रही है। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ कई इलाकों में उमस और गर्मी बढ़ गई है। हालांकि, 22 अगस्त 2026 को पूर्वी राजस्थान के 18 जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अपडेट में पूर्वी राजस्थान के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के लिए फिलहाल कोई बड़ी चेतावनी नहीं दी गई है। राज्य में मानसून की सुस्ती का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यानी अगस्त के महीने में भी राजस्थान के कुछ हिस्सों में पारा 40 डिग्री के बेहद करीब बना हुआ है। हालांकि, बारिश को लेकर तस्वीर पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले चरण में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में जिन जिलों में लंबे समय से बारिश का इंतजार है, वहां लोगों को राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है।
पूर्वी राजस्थान के 18 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने 22 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अपडेट के अनुसार पूर्वी राजस्थान में आज Thunderstorm और Lightning की चेतावनी है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के लिए 22 अगस्त को कोई चेतावनी नहीं है। इसका मतलब यह है कि राज्य के सभी हिस्सों में एक जैसी बारिश की स्थिति नहीं रहेगी। पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है।
पिछले दिन अलर्ट के बावजूद कई इलाकों में नहीं बरसे बादल
21 अगस्त को भी कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन जमीन पर बारिश की गतिविधि काफी सीमित रही। कई ऐसे इलाके रहे जहां आसमान में बादल तो दिखाई दिए, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हुई। कुछ स्थानों पर हुई बारिश भी बहुत हल्की रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बारां के किशनगंज और अटरू में कुल 9 MM, भरतपुर के बयाना, उच्चैन और वैर में 6 MM तथा धौलपुर में 5 MM बारिश दर्ज की गई। कोटा के कानावास में करीब 3 MM पानी गिरा। उदयपुर के मावली में भी लगभग 1 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे साफ है कि अलर्ट के बावजूद बारिश पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप से नहीं हुई। मौसम विभाग का पूर्वानुमान स्थानीय स्तर पर बदल सकता है और एक ही जिले के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की मात्रा भी अलग रह सकती है।
श्रीगंगानगर में 40 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान
मानसून की कमजोर गतिविधि के बीच राजस्थान में गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शुक्रवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा कई दूसरे इलाकों में भी तापमान काफी ऊपर रहा। चूरू में 39 डिग्री, बीकानेर में 37.4 डिग्री, फलोदी में 37 डिग्री, फतेहपुर में 36.5 डिग्री, हनुमानगढ़ में 36.3 डिग्री और झुंझुनूं में 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं राज्य में सबसे कम अधिकतम तापमान प्रतापगढ़ में 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश कम होने से बढ़ी उमस और गर्मी
मानसून के कमजोर पड़ने का सीधा असर आम लोगों को महसूस हो रहा है। बारिश के बाद वातावरण में नमी तो बनी हुई है, लेकिन लगातार बादल बरस नहीं रहे। ऐसे में धूप निकलते ही उमस बढ़ जाती है और तापमान भी ऊपर जाने लगता है। राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अगस्त के दौरान पहले कई चरणों में सक्रिय रही हैं। लेकिन फिलहाल बारिश की तीव्रता कम हुई है। इससे राज्य के कई हिस्सों में दिन का मौसम गर्म और चिपचिपा महसूस हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राजस्थान में बारिश का वितरण मानसूनी ट्रफ की स्थिति और मौसम प्रणालियों की गतिविधि पर काफी निर्भर करता है।
मानसून की ट्रफ लाइन राजस्थान से दूर होने का असर
राजस्थान में मानसून कमजोर रहने की एक अहम वजह मानसून ट्रफ की मौजूदा स्थिति को माना जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा सिनॉप्टिक विश्लेषण में मानसून ट्रफ अमृतसर, मेरठ, कानपुर, उत्तर-मध्य प्रदेश के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र, डाल्टनगंज और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई बताई गई है। जब ट्रफ लाइन किसी क्षेत्र के आसपास सक्रिय रहती है, तो वहां नमी वाली हवाओं के मिलने और ऊपर उठने की प्रक्रिया से बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। ट्रफ के स्थान में बदलाव होने पर बारिश का क्षेत्र भी बदल जाता है। फिलहाल ट्रफ राजस्थान के बड़े हिस्से से दक्षिण की ओर खिसकी हुई है। इसी वजह से राज्य के कई इलाकों में मानसून की गतिविधि कमजोर बनी हुई है।
जयपुर में अलर्ट के बावजूद नहीं हुई बारिश
राजधानी जयपुर में शुक्रवार को बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन शहर में दिनभर पर्याप्त बारिश नहीं हुई। आसमान में हल्के बादल जरूर रहे, लेकिन बारिश के बजाय उमस का असर ज्यादा दिखाई दिया। जयपुर में अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 2 डिग्री ज्यादा रहा। 22 अगस्त को भी जयपुर और आसपास के पूर्वी राजस्थान के हिस्सों में मौसम गतिविधि की संभावना बनी हुई है। हालांकि, बारिश की मात्रा स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
कोटा में लगातार चौथा दिन सूखा
कोटा में भी बारिश का इंतजार जारी रहा। शुक्रवार को बारिश का अलर्ट होने के बावजूद शहर में बारिश नहीं हुई। लगातार चौथे दिन बादल बिना बरसे ही गुजर गए। दोपहर में हल्की धूप निकलने के कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश नहीं होने के कारण शहर में उमस का असर बना रहा और लोगों को गर्मी परेशान करती रही।
अजमेर में भी मानसून की सुस्ती बरकरार
अजमेर में भी मानसून की कमजोर स्थिति शुक्रवार को जारी रही। बारिश की संभावना के बावजूद शहर में अच्छी बारिश नहीं हुई। उमस के कारण लोगों को गर्मी महसूस हुई। अजमेर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद बारिश नहीं होने से लोगों की निगाहें अब अगले कुछ दिनों के पूर्वानुमान पर टिकी हैं।
उदयपुर में बादल छाए, फिर निकली तेज धूप
उदयपुर में शुक्रवार सुबह आसमान में बादल दिखाई दिए। इससे बारिश की उम्मीद जगी, लेकिन बाद में धूप निकल आई और दिनभर पर्याप्त बारिश नहीं हुई। शहर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, उदयपुर के मावली में हल्की बारिश रिकॉर्ड हुई।
सीकर में बादलों के बाद तेज धूप
सीकर में भी शुक्रवार को सुबह कुछ समय के लिए बादल दिखाई दिए, लेकिन बाद में करीब 11 बजे के बाद धूप तेज हो गई। दिनभर बारिश नहीं हुई। हल्की हवा के बीच तापमान बढ़ा और अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा। सीकर में फिलहाल बारिश की गतिविधि कमजोर रहने की संभावना है।
जोधपुर में भी बारिश का इंतजार
जोधपुर में शुक्रवार को मौसम सामान्य रहा। दिन में बादल तो छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 1.1 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के लिए 22 अगस्त को मौसम विभाग की ओर से कोई बड़ी चेतावनी नहीं है।
अलवर में धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी
अलवर में भी मौसम में खास बदलाव देखने को नहीं मिला। दोपहर के समय धूप निकलने के कारण उमस बढ़ी और लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। जिले में अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री के आसपास रहा। बारिश की संभावना के बावजूद शुक्रवार को मौसम मुख्य रूप से गर्म और उमस भरा रहा।
राजस्थान में बारिश की स्थिति पर नजर
राजस्थान में मानसून की स्थिति जिले-दर-जिले अलग है। अगस्त के पहले हिस्से में कई क्षेत्रों में बारिश हुई, लेकिन हाल के दिनों में गतिविधि कमजोर हुई है। 10 अगस्त तक राज्य में कुल मौसमी बारिश सामान्य से 12.46 प्रतिशत कम थी, हालांकि उस समय राज्य की कुल बारिश सामान्य श्रेणी में बनी हुई थी। बाद के आंकड़ों में बारिश की कमी और बढ़ने की जानकारी सामने आई है। 21 अगस्त तक राज्य में बारिश सामान्य से 14.1 प्रतिशत कम रहने की रिपोर्ट सामने आई। इसलिए आने वाले दिनों में यदि पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ती हैं, तो राज्य के मौसमी बारिश के आंकड़े में कुछ सुधार हो सकता है।
आज किन इलाकों में ज्यादा सावधानी?
22 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के जिन हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी मौसम गतिविधियों की संभावना है, वहां लोगों को मौसम खराब होने पर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनी को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार देखना जरूरी है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल बड़ी चेतावनी नहीं है, लेकिन मौसम में बदलाव की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता।