देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता बनी हुई है और बारिश का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग ने आज देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की चेतावनी दी गई है।लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ गया है। प्रदेश में फिलहाल 80 सड़कें बंद हैं, जिससे कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है।
7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज सात जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और बागेश्वर शामिल हैं।इन जिलों में बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की स्थिति बन सकती है।
सभी जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी
सिर्फ सात जिलों तक ही मौसम का असर सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।कई स्थानों पर बारिश का दौर तीव्र से अति तीव्र हो सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
केदारघाटी में कोहरे के बीच हो रही बारिश
मौसम अलर्ट के बीच रुद्रप्रयाग जिले की केदारघाटी में कोहरे के बीच हल्की बारिश हो रही है। वहीं अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर में भी आसमान में बादलों के साथ कोहरा छाया हुआ है।इन इलाकों में मौसम लगातार बदला हुआ है और बारिश के आसार बने हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तराखंड में 80 सड़कें बंद
लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर सड़क संपर्क पर देखने को मिल रहा है। प्रदेश में 80 सड़कें अभी भी बंद हैं। इनमें सबसे ज्यादा सड़कें नैनीताल जिले में प्रभावित हुई हैं।
नैनीताल: 15 सड़कें बंद
चमोली: 13 सड़कें बंद
पिथौरागढ़: 13 सड़कें बंद
कई मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने के कारण आवाजाही बाधित हुई है। संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने के लिए काम कर रहे हैं।
टिहरी बांध का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर
लगातार बारिश के बीच टिहरी बांध का जलस्तर 818.93 मीटर तक पहुंच गया है। यह बांध के 815 मीटर के चेतावनी स्तर से 3.93 मीटर ऊपर है।हालांकि, टिहरी बांध का खतरे का स्तर 830 मीटर है। फिलहाल जलस्तर खतरे के स्तर से नीचे है, लेकिन बारिश जारी रहने के कारण प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
चोरगलिया में 63 मिमी बारिश रिकॉर्ड
बीते 24 घंटे में नैनीताल जिले के चोरगलिया में सबसे ज्यादा 63 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में मौसम का असर दिखाई दे रहा है।पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से मिट्टी कमजोर होने और भूस्खलन की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और स्थानीय प्रशासन के अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।
भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बरकरार
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। सड़क पर मलबा आने से यातायात बाधित होने की स्थिति कई जगह बन रही है।भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।