भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से फार्मर आईडी (Farmer ID) जरूर बनवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 20 अगस्त से फार्मर आईडी बनाने का अभियान चल रहा है। किसानों को इसके लिए न तो कहीं भटकना होगा और न ही लंबी कतारों में लगना पड़ेगा। सरकारी दल खुद किसानों के पास पहुंचकर उनकी फार्मर आईडी बनाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने शिवपुरी में किसानों को संबोधित करते हुए खेती, खाद, ऋण, बिजली और किसान कल्याण योजनाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी।
किसानों के घर तक पहुंचेगी सरकार
सीएम मोहन यादव ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए शासकीय दल उनके पास जाकर Farmer ID बनाने का काम करेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी फार्मर आईडी जरूर बनवाएं, क्योंकि आने वाले समय में यह किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और कृषि सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण होगी।
खाद के लिए किसानों को नहीं होगी परेशानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खाद के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। पैसे की कमी किसी किसान के आड़े न आए, इसके लिए सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर अग्रिम खाद उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि किसान के माथे पर चिंता की एक भी लकीर न आए।
ई-विकास 2.0 से खाद खरीदना होगा आसान
मुख्यमंत्री ने ई-विकास 2.0 प्रणाली को भी किसान हितैषी बताया। उन्होंने कहा कि इसे अधिक प्रभावी, सरल और सहज बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। किसान अपनी इच्छानुसार कोई भी एक उर्वरक बिना किसी अनिवार्य संयोजन के खरीद सकेंगे।
अब पूरे साल में चुका सकेंगे कृषि ऋण
सीएम ने किसानों के लिए ऋण भुगतान व्यवस्था में बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को ऋण की राशि 31 मार्च तक जमा करनी होती थी, लेकिन अब यह समय-सीमा समाप्त कर दी गई है। अब किसान एक वर्ष के भीतर कभी भी ऋण चुका सकेंगे, जिससे उन्हें फसल और आय के हिसाब से भुगतान करने में सुविधा मिलेगी।
दिन में मिलेगी बिजली, रात में सिंचाई की परेशानी होगी खत्म
मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले साल किसानों को फसलों के लिए पूरे समय दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे किसानों को रात में खेतों की सिंचाई के लिए जागने की परेशानी से राहत मिलेगी और रात की बिजली का संकट खत्म करने की कोशिश की जाएगी।
किसान सिर्फ पारंपरिक खेती तक सीमित न रहें
सीएम मोहन यादव ने किसानों से खेती के साथ आमदनी के दूसरे स्रोत अपनाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि किसान केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहें, बल्कि बागवानी, डेयरी फार्मिंग, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों को भी अपनाएं। उन्होंने कहा कि होम-स्टे की अवधारणा भी धीरे-धीरे बढ़ रही है और इससे ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सकता है।
किसान सम्मान निधि से मिल रहे 12 हजार रुपये सालाना
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को हर साल कुल 12 हजार रुपये की सहायता दे रही हैं। इससे किसान खाद, बीज और खेती से जुड़ी दूसरी जरूरी चीजों की खरीद समय पर कर सकते हैं।
शिवपुरी की मूंगफली की भी की तारीफ
सीएम ने शिवपुरी के किसानों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि जिले में किसानों की मेहनत से पैदा होने वाली मूंगफली की देशभर में पहचान बन रही है। उन्होंने किसानों से उत्पादन के साथ-साथ आय बढ़ाने वाले नए क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने की अपील की।
किसानों की समृद्धि पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। उन्होंने शिवपुरी और आसपास के क्षेत्रों में नदियों और सिंचाई संसाधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने पर सरकार का विशेष जोर है। उन्होंने दोहराया कि सरकार हमेशा किसानों के साथ है और किसानों की समृद्धि के लिए विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है।