मुंबई। गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच मुंबई के भुलेश्वर इलाके से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। शनिवार रात गणेश प्रतिमा के आगमन समारोह के दौरान करीब 22 फीट ऊंची और लगभग 3 टन वजनी गणेश प्रतिमा अचानक गिर गई। प्रतिमा की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। यह हादसा बलराम मर्चेंट रोड, कबूतरखाना, जय अंबे चौक, भुलेश्वर इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि प्रतिमा को पंडाल में स्थापित किए जाने से पहले ही तकनीकी कारणों से वह गिर गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने राहत एवं बचाव की कोशिश शुरू की।
रात करीब 9:51 बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, शनिवार 22 अगस्त की रात करीब 9:51 बजे गणेश प्रतिमा का आगमन समारोह चल रहा था। इसी दौरान प्रतिमा को पंडाल तक ले जाने और स्थापित करने की प्रक्रिया के बीच अचानक वह गिर गई। प्रतिमा का वजन करीब तीन टन और ऊंचाई लगभग 22 फीट बताई जा रही है। इतने बड़े आकार की प्रतिमा के अचानक गिरने से आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और आयोजकों में हड़कंप मच गया। प्रभावित लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे में 7 लोग प्रभावित, 2 की मौत
इस दुर्घटना में कुल 7 लोग प्रभावित हुए। इनमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हैं। मृतकों की पहचान संकते नेवसे (33) और बृजेश हेमंत जोशी (30) के रूप में हुई है। संकते नेवसे भुलेश्वरचा राजा गणपति मंडल से जुड़े थे और मंडल के अध्यक्ष बताए गए हैं। हादसे के बाद उन्हें तत्काल रिलायंस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरे मृतक बृजेश हेमंत जोशी पेशे से अकाउंटेंट थे। वह गणेश भक्त के रूप में प्रतिमा के आगमन कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्हें भी हादसे के बाद जी.टी. अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दो साल के बच्चे के पिता थे बृजेश
हादसे में जान गंवाने वाले बृजेश हेमंत जोशी के परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद है। जानकारी के अनुसार बृजेश के परिवार में करीब दो साल का एक बच्चा है। बताया गया है कि बृजेश के पिता का काफी समय पहले निधन हो चुका था और इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। हादसे में उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घायलों में बच्चे भी शामिल
गणेश प्रतिमा गिरने की इस घटना में घायल हुए लोगों में बच्चे भी शामिल हैं। हादसे के बाद सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। घायलों में वैभव घेनंद (38) और पवन चौरसिया (25) शामिल हैं। दोनों को जी.टी. अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। इसके अलावा 5 वर्षीय लावण्या गनेर, 7 वर्षीय दिव्या गनेर और 26 वर्षीय कुणाल काशीद भी घायल हुए हैं। तीनों का इलाज जे.जे. अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा इलाज
हादसे के बाद घायलों को उनकी स्थिति के अनुसार अस्पतालों में पहुंचाया गया। वैभव घेनंद और पवन चौरसिया का इलाज जी.टी. अस्पताल में जारी है। वहीं लावण्या गनेर, दिव्या गनेर और कुणाल काशीद को जे.जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों अस्पतालों में भर्ती घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है। वहीं सैफी अस्पताल की ओर से इस हादसे से संबंधित किसी घायल के वहां भर्ती होने की सूचना नहीं मिली है।
पंडाल में स्थापना से पहले ही गिर गई प्रतिमा
इस हादसे की एक अहम बात यह है कि गणेश प्रतिमा अभी पंडाल में स्थापित भी नहीं की गई थी। प्रतिमा के आगमन समारोह के दौरान ही तकनीकी वजह से उसके गिरने की जानकारी सामने आई है। करीब तीन टन वजन वाली और 22 फीट ऊंची प्रतिमा को संभालना आयोजन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया थी। इसी दौरान प्रतिमा के गिरने से वहां मौजूद लोगों को गंभीर नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद अब प्रतिमा को लाने और स्थापित करने के दौरान अपनाई गई तकनीकी प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जाना जरूरी है।
गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच हुआ हादसा
मुंबई में गणेश उत्सव को लेकर हर साल बड़े स्तर पर तैयारियां होती हैं। अलग-अलग गणपति मंडलों की ओर से भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं और उनके आगमन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। भुलेश्वर क्षेत्र में भी गणेश प्रतिमा के आगमन को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान यह हादसा हो गया और उत्सव की तैयारियों के बीच मातम का माहौल बन गया। घटना में जान गंवाने वाले दोनों लोगों के परिवारों के प्रति स्थानीय स्तर पर शोक की भावना है, जबकि घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इतनी ऊंची और भारी प्रतिमा के परिवहन तथा स्थापना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस हादसे के बाद गणेश मंडलों द्वारा बड़ी प्रतिमाओं के आगमन और स्थापना के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों और प्रशासन के लिए इस तरह की घटनाओं से यह सवाल भी सामने आता है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, प्रतिमा की संरचनात्मक स्थिरता और तकनीकी उपकरणों की जांच कितनी महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस विशेष हादसे में तकनीकी खराबी किस स्तर पर हुई और प्रतिमा गिरने की सटीक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।