लखनऊ: उत्तरप्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा, यमुना, सरयू और अन्य नदियां उफान पर हैं। प्रदेश के 19 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 92 गांवों की फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, जबकि 26 गांव टापू में बदल गए हैं। कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कें पानी में डूब गई हैं। प्रभावित इलाकों में नावों और मोटर बोट के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
इसी बीच उन्नाव में गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा होते-होते बचा। दो बच्चियां नदी में डूबने लगीं तो उन्हें बचाने के लिए पिता भी गंगा में कूद गए और खुद भी डूबने लगे। मौके पर मौजूद एक पंडा ने अपनी जान की परवाह किए बिना तीनों को नदी से बाहर निकाल लिया।
उन्नाव में गंगा में डूबने लगे पिता और दो बच्चियां
उन्नाव के गंगाघाट में गंगा स्नान के दौरान दो बच्चियां अचानक गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। बच्चियों को बचाने के लिए उनके पिता भी नदी में कूद गए।हालात तब और गंभीर हो गए, जब पिता भी तेज बहाव में डूबने लगे। मौके पर मौजूद पंडा ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और पिता समेत दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।पंडा की तत्परता से तीनों की जान बच गई और बड़ा हादसा टल गया।
यूपी के 19 जिले बाढ़ की चपेट में
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रदेश के 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। 92 गांवों में फसलें पानी में डूब चुकी हैं, जबकि 26 गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो गए हैं।इन गांवों को आसपास के इलाकों से जोड़ने वाली कई सड़कें भी पानी में डूब गई हैं। इसके चलते लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से नावों और मोटर बोट के जरिए प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
झांसी में बांध सीजन में पहली बार ओवरफ्लो
झांसी में बेतवा नदी पर बना बांध इस सीजन में पहली बार ओवरफ्लो हो गया है। वहीं करीब 140 साल पुराने पारीछा बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं।बांध में पानी बढ़ने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नदी के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
बाराबंकी में सरयू खतरे के निशान से ऊपर
बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।वहीं संतकबीर नगर के 20 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां 9 सरकारी स्कूलों के परिसरों में भी पानी घुस चुका है, जिससे सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दारागंज घाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं।घाटों पर पानी भरने के कारण सड़कों पर अंतिम संस्कार कराने की नौबत आ गई है। नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए लगातार बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है।
कानपुर में करीब 2 हजार लोग प्रभावित
कानपुर के निचले इलाकों में पांडू नदी का पानी बस्तियों में घुस गया है। इससे करीब 2 हजार लोग प्रभावित हुए हैं।जलभराव के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रख रहा है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
यूपी में लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।