भोपाल: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यालयों में ई-अटेंडेंस (e-Attendance) को लेकर लापरवाही सामने आई है। विभाग की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार कार्यालयों में पदस्थ सभी कर्मचारी नियमित रूप से ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं। खासतौर पर आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों और कार्यालयों में ई-अटेंडेंस को लेकर स्थिति चिंताजनक बताई गई है।
दफ्तरों में 84% कर्मचारी ही लगा रहे ई-अटेंडेंस
समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यालयों में करीब 84 प्रतिशत कर्मचारी ही ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं। यानी हर छह कर्मचारियों में से लगभग एक कर्मचारी की ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो रही है। इसके मुकाबले स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की स्थिति बेहतर है। स्कूलों में करीब 97 प्रतिशत शिक्षक ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं।
आदिवासी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा लापरवाही
रिपोर्ट में सामने आया है कि आदिवासी इलाकों में ई-अटेंडेंस को लेकर सबसे ज्यादा लापरवाही बरती जा रही है। कई जिलों में बड़ी संख्या में कर्मचारी ई-अटेंडेंस में अनुपस्थित पाए गए हैं।
धार में 129 में से 73 कर्मचारी गैरहाजिर
धार जिले में 129 शिक्षक-कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा की गई, जिसमें 73 कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए।
झाबुआ में 61 में से 34 ने नहीं लगाई हाजिरी
झाबुआ जिले में 61 कर्मचारियों में से 34 कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं मिली।
अनूपपुर में 55 में से 25 कर्मचारी अनुपस्थित
अनूपपुर जिले के कार्यालय में पदस्थ 55 कर्मचारियों में से 25 कर्मचारियों ने ई-अटेंडेंस नहीं लगाई।
ग्वालियर में 306 में से 116 अनुपस्थित
ग्वालियर संभागीय मुख्यालय कार्यालय में 306 कर्मचारियों की समीक्षा में 116 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
मंडला में 154 में से 58 गैरहाजिर
मंडला में 154 कर्मचारियों में से 58 कर्मचारियों की ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं मिली।
बड़वानी में 123 में से 46 कर्मचारी गैरहाजिर
बड़वानी जिले में 123 कर्मचारियों की समीक्षा के दौरान 46 कर्मचारी उपस्थित नहीं पाए गए।
स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस बेहतर
समीक्षा में एक तरफ जहां विभागीय कार्यालयों में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत करीब 84 फीसदी रहा, वहीं स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस करीब 97 फीसदी दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि स्कूलों की तुलना में विभागीय कार्यालयों में ई-अटेंडेंस व्यवस्था का पालन कम हो रहा है। खासकर आदिवासी क्षेत्रों में स्थिति पर विभाग को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।