नई दिल्ली - नई दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। इसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम सहित विभिन्न संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई। इसी दौरान बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और महिला आरक्षण को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें महिलाओं के समर्थन और महिला नेतृत्व की बात कही गई थी।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस से मांगा सहयोग
स्मृति ईरानी ने कहा कि अगर कांग्रेस वास्तव में महिलाओं और महिला नेतृत्व का समर्थन करती है तो उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महिला आरक्षण को लेकर चल रही मुहिम में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया है, ताकि महिलाएं देश की संसद में अपनी भागीदारी बढ़ा सकें और लोकतंत्र को मजबूत कर सकें।
‘महिला आरक्षण के संकल्प को देशभर में लागू करने में साथ दें’
स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे महिला आरक्षण के संकल्प को देशभर में लागू करने के प्रयास में सहयोग करें। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं से सीधे अपील करते हुए कहा कि यदि पार्टी महिलाओं के अधिकार और महिला नेतृत्व के समर्थन की बात करती है तो उसे संसद में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के प्रयास को जल्द लागू कराने में प्रधानमंत्री का साथ देना चाहिए।
बीजेपी ने कांग्रेस से मांगा समर्थन
स्मृति ईरानी के बयान को बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी नेता ने महिला आरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक दलों के बीच व्यापक सहमति से जोड़ते हुए कांग्रेस से केंद्र सरकार के प्रयास में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक व्यवस्था में अधिक प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी है और इसके लिए सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए। अब देखना होगा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से बीजेपी की इस अपील पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।