लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा 2026 के लिए रेलवे और रोडवेज ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। 8, 9 और 10 जून को होने वाली इस परीक्षा में 28 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। परीक्षार्थियों की सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने विशेष व्यवस्था की है, वहीं यूपी रोडवेज ने भी अतिरिक्त बसों के संचालन और सहायता केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर ली है।
रेलवे ने सक्रिय किया वार रूम, हर स्टेशन पर रहेगी नजर
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा को देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने अपना विशेष वार रूम सक्रिय कर दिया है। इस वार रूम के जरिए मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों की निगरानी की जाएगी। रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर और ट्रेनों की आवाजाही पर विशेष नजर रखी जाए। अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा के दौरान लाखों अभ्यर्थियों के सफर करने से रेलवे स्टेशनों पर सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ देखने को मिल सकती है। ऐसे में किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।
चार ट्रेनें होंगी रीशेड्यूल, नौ ट्रेनों को मिलेगा विस्तार
प्रयागराज मंडल ने परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चार ट्रेनों को रीशेड्यूल करने का फैसला लिया है। इसके अलावा यदि यात्रियों की संख्या में अपेक्षा से अधिक बढ़ोतरी होती है तो नौ ट्रेनों को विस्तार भी दिया जाएगा। रेलवे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और वापस लौटने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। रेलवे अधिकारियों के अनुसार भीड़ की स्थिति का लगातार आकलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी लागू की जा सकती हैं। प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा और यात्री प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी।
रोडवेज चलाएगा अतिरिक्त बसें, नोडल अधिकारी होंगे तैनात
यूपी रोडवेज ने भी परीक्षा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी की है। परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर प्रदेशभर में अतिरिक्त बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। मंडल और जनपद स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ समन्वय बनाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखेंगे। रोडवेज अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा वाले दिनों में किसी भी रूट पर बसों की कमी नहीं होनी चाहिए। अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रबंधन किया जाएगा।
बस स्टेशनों पर बनेंगे सहायता केंद्र, मिलेगी हर जरूरी जानकारी
परीक्षार्थियों की मदद के लिए प्रदेश के प्रमुख बस स्टेशनों पर विशेष सहायता डेस्क स्थापित किए जाएंगे। यहां अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के मार्ग, बसों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर बसों के अस्थायी रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी लागू की जाएगी ताकि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की बाधा न आए। रोडवेज प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।
चालक-परिचालकों को विशेष निर्देश, यात्रियों से सहयोग की अपील
परिवहन विभाग ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि पर्याप्त संख्या में चालक और परिचालक उपलब्ध रहें। साथ ही सभी कर्मचारियों को परीक्षार्थियों के प्रति सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार अपनाने के लिए कहा गया है। बसों की निगरानी वीएलटीडी और जीपीएस प्रणाली के माध्यम से वास्तविक समय में की जाएगी। सभी बस स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली सक्रिय रहेगी ताकि यात्रियों को समय-समय पर आवश्यक सूचनाएं मिलती रहें। अभ्यर्थियों से भी यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
सुरक्षा, सफाई और सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस
रोडवेज और रेलवे दोनों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। सभी बसों को तकनीकी रूप से जांचने के बाद ही संचालन में लगाया जाएगा। बसों में अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, अतिरिक्त पहिया और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध रहेंगे। वहीं बस स्टेशनों पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रसाधन और अन्य यात्री सुविधाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।