उत्तर प्रदेश ने फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए खुद को देश के सबसे बड़े फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में स्थापित कर लिया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में राज्य ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
देश में सबसे अधिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट उत्तर प्रदेश में
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में 3 लाख 50 हजार 883 फूड प्रोसेसिंग यूनिट संचालित हो रही हैं। यह संख्या देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में सबसे अधिक है। देशभर में मौजूद कुल फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में लगभग 14 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है।
महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को छोड़ा पीछे
फूड प्रोसेसिंग उद्योग के विस्तार के मामले में उत्तर प्रदेश ने कई औद्योगिक रूप से मजबूत राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। राज्य में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगों के तेजी से विस्तार ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बना दिया है
लाखों लोगों को मिला रोजगार
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर न केवल कृषि उत्पादों को मूल्यवर्धित बना रहा है, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रहा है। उत्तर प्रदेश की फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में करीब 2.55 लाख श्रमिक और कर्मचारी कार्यरत हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
कृषि उत्पादन में भी यूपी नंबर-1
फूड प्रोसेसिंग उद्योग की सफलता के पीछे उत्तर प्रदेश की मजबूत कृषि व्यवस्था को प्रमुख कारण माना जा रहा है। राज्य अनाज उत्पादन, दूध उत्पादन, गन्ना उत्पादन और सब्जियों की पैदावार में देश में प्रथम स्थान पर है। कृषि उत्पादों की प्रचुर उपलब्धता के कारण फूड प्रोसेसिंग उद्योग को पर्याप्त कच्चा माल मिल रहा है।
किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रहा सेक्टर
विशेषज्ञों का मानना है कि फूड प्रोसेसिंग उद्योग के विस्तार से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इससे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
निवेश और औद्योगिक विकास को मिल रही रफ्तार
राज्य सरकार की औद्योगिक और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के चलते फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में लगातार निवेश बढ़ रहा है। इससे उत्तर प्रदेश देश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि राज्य की कृषि शक्ति, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन क्षमता का मजबूत उदाहरण मानी जा रही है।