कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और नेता सब्यसाची दत्ता की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तारी के बाद अब उनके खिलाफ जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस ने न्यूटाउन में उनके एक और फ्लैट का पता लगाया है, जबकि उनके बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। इसी बीच उनकी पत्नी इंदिरा दत्ता का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।
पत्नी इंदिरा दत्ता लापता, पुलिस तलाश में जुटी
पुलिस सूत्रों के अनुसार सब्यसाची दत्ता की पत्नी इंदिरा दत्ता का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। उनकी तलाश के लिए जांच टीम लगातार छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि गाइघाटा स्थित उनके ससुराल में भी तलाशी ली गई, लेकिन वहां से कोई अहम बरामदगी नहीं हुई।
बैंक खाते फ्रीज, 1.70 करोड़ रुपये की जमा राशि का खुलासा
जांच में सामने आया है कि सब्यसाची दत्ता के पांच बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं, जिनमें कुल करीब 1.70 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें से एक खाता उनकी पत्नी इंदिरा दत्ता के साथ संयुक्त रूप से संचालित बताया जा रहा है। इसके अलावा उनके दो बैंक लॉकर भी मिले हैं, जिनमें गहने रखे होने की संभावना जताई जा रही है।
50 किलो सोना खरीद से जुड़े दस्तावेज मिले
पुलिस की तलाशी के दौरान दो दिन पहले उनके आवास से 50 किलो सोने की खरीद से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले को और गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। साथ ही एक स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किया गया है।
न्यूटाउन में नया फ्लैट मिला, गाइघाटा में तलाशी
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि न्यूटाउन क्षेत्र में सब्यसाची दत्ता का एक और फ्लैट मौजूद है। वहीं उत्तर 24 परगना के गाइघाटा स्थित उनके ससुराल में भी पुलिस ने तलाशी ली, लेकिन वहां से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
एक करोड़ की वसूली का आरोप, 2018 से जुड़ा मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह पूरा मामला फरवरी 2018 का है, जब व्यापारी मधुसूदन चक्रवर्ती ने सब्यसाची दत्ता पर एक करोड़ रुपये की जबरन वसूली का आरोप लगाया था। इसी शिकायत के आधार पर 8 जून की रात विधाननगर उत्तर पुलिस स्टेशन ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
विधाननगर कोर्ट में पेशी की तैयारी
पुलिस अब सब्यसाची दत्ता को बुधवार को विधाननगर अदालत में पेश कर दोबारा हिरासत की मांग करने की तैयारी में है। वहीं सब्यसाची ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं।
वार्ड 31 में आक्रोश, स्थानीय लोगों के आरोप
इधर विधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 31 में भी लोगों का गुस्सा सामने आया है, जहां सब्यसाची दत्ता पार्षद हैं। स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि उनके लोगों द्वारा हर महीने 5-6 हजार रुपये की वसूली की जाती थी। गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में कई बार उनके खिलाफ अंडे फेंके जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।