घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट रही। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में आई तेजी के बाद निवेशक अब कच्चे तेल की कीमतों और मानसून की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ 76,817.58 अंक पर कारोबार करता दिखा, जबकि एनएसई निफ्टी लगभग स्थिर रहकर 23,988 के स्तर पर बना रहा।
मजबूत शुरुआत के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 284.69 अंकों की बढ़त के साथ खुला और दिन के दौरान 77,093.17 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। वहीं निफ्टी 58.89 अंकों की मजबूती के साथ 24,044.50 पर खुला। हालांकि बाद में बाजार में मुनाफावसूली के चलते बढ़त सीमित होती दिखाई दी।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और आईटी सेक्टर में खरीदारी
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स सबसे आगे रहा, जिसमें 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। आईटी और मीडिया शेयरों में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला। हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर ने भी बाजार को समर्थन दिया।
मेटल और रियल्टी शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर मेटल और रियल्टी सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा ऑटो, प्राइवेट बैंक और पीएसयू बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा कमजोरी
निफ्टी 50 में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, ट्रेंट, ओएनजीसी, भारती एयरटेल, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और एक्सिस बैंक शुरुआती कारोबार में प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को सहारा
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। ब्रेंट क्रूड पिछले पांच दिनों में करीब 16 प्रतिशत टूटकर 79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जिससे भारत के आयात बिल और चालू खाते के घाटे को लेकर चिंताएं कम हुई हैं।
कमजोर मानसून बना चिंता का विषय
हालांकि कमजोर मानसून निवेशकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि यदि बारिश सामान्य से कम रहती है तो खाद्य महंगाई बढ़ सकती है। बावजूद इसके बाजार विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।
कमोडिटी बाजार में भी नरमी
कमोडिटी बाजार में भी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही। ब्रेंट क्रूड 78.39 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 75.35 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे ऊर्जा लागत में कमी आने की संभावना बढ़ी है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।