जोधपुर - राजस्थान के जोधपुर स्थित मथुरादास माथुर (एमडीएम) में चिकित्सा लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां 66 वर्षीय महिला के दाएं पैर की जगह बाएं पैर का ऑपरेशन किए जाने के आरोप के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया
मामले की जांच के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए आर्थोपेडिक विभाग के सहआचार्य डॉ. रामाकिशन चौधरी को मेडिकल कॉलेज से कार्यमुक्त कर चिकित्सा शिक्षा विभाग भेज दिया है। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के पालन में गंभीर लापरवाही की बात कही है।
दाएं की जगह बाएं पैर का ऑपरेशन
बताया जा रहा है कि महिला को पैर में फ्रैक्चर के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि जिस पैर का ऑपरेशन होना था, उसकी जगह दूसरे पैर की सर्जरी कर दी गई। इस घटना के बाद परिवार ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। हालांकि, डॉ. रामाकिशन चौधरी का कहना है कि महिला के दोनों पैरों में फ्रैक्चर था और दोनों का ऑपरेशन किया जाना था।
जांच कमेटी ने प्रक्रिया में गंभीर चूक मानी
डॉक्टर के इस बयान के बावजूद जांच कमेटी ने प्रक्रिया में गंभीर चूक मानी है। घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और चिकित्सा सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।