बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे और मंदिर प्रबंधन से जुड़ी हालिया कथित गड़बड़ियों को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि आस्था के केंद्रों पर किसी भी तरह की अनियमितता या गबन अक्षम्य अपराध है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
गोहत्या जैसे पाप के समान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऐसे पवित्र धार्मिक स्थलों पर गड़बड़ी करना अत्यंत गंभीर कृत्य है। उन्होंने इसे गोहत्या जैसा पाप बताते हुए कहा कि इस प्रकार का कार्य अपने माता-पिता की हत्या करने जैसे महापाप के समान है जिसे किसी भी स्थिति में क्षमा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया गया है। साथ ही पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज कर प्रारंभिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और जो भी व्यक्ति गबन अनियमितता या किसी अन्य प्रकार की गड़बड़ी में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार धार्मिक संस्थानों की को लेकर प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंदिर प्रबंधन में सुधार को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी। जहां भी सुधार की आवश्यकता होगी वहां आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।