देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधाओं और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु चारधाम पहुंचे हैं और आगे भी बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना को देखते हुए सभी विभाग पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करें।
रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, बढ़ीं चुनौतियां
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बना है। उन्होंने कहा कि अधिक भीड़ के कारण कुछ स्थानों पर चुनौतियां जरूर सामने आईं, लेकिन प्रशासन, मंदिर समितियों और विभिन्न धार्मिक संगठनों के सहयोग से यात्रा सुचारू रूप से संचालित की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य की संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मानसून को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सीजन शुरू होने वाला है, इसलिए यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है। उन्होंने पेयजल, आवास, दर्शन व्यवस्था, परिवहन और हेली सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही लैंडस्लाइड और आपदा संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर होल्डिंग जोन, शौचालय, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को समय रहते मजबूत किया जाए ताकि आपात स्थिति में यात्रियों को परेशानी न हो।
निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने पर होल्डिंग एरिया में रोके जाएं श्रद्धालु
सीएम धामी ने कहा कि किसी भी धाम या पड़ाव स्थल पर निर्धारित क्षमता से अधिक श्रद्धालु पहुंचने की स्थिति में उन्हें सुरक्षित होल्डिंग एरिया में रोका जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और श्रद्धालुओं को समय-समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। यात्रा मार्गों और विभिन्न पड़ावों पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या की मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
चारधाम यात्रा को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे नकारात्मक और भ्रामक वीडियो पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से प्रदेश की छवि और सनातन आस्था को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा से प्रदेश के हजारों लोगों को रोजगार और आजीविका मिलती है, इसलिए इसे बदनाम करने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रात में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को केवल रात्रिकाल में आवश्यक सेवाओं के तहत अनुमति दी जाए तथा दिन के समय ऐसे वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।