भानियावाला-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर सात मोड़ के जंगलों में सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर निर्माण परियोजना के लिए 3000 से अधिक हरे-भरे पेड़ों की कटाई शुरू होते ही स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हुए और पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें बचाने की अपील की।
पर्यावरण गंभीर रूप से प्रभावित
विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से क्षेत्र का पर्यावरण गंभीर रूप से प्रभावित होगा। उनका कहना है कि जंगलों के कम होने से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित होगा जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ सकती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विकास कार्य आवश्यक हैं लेकिन इनके नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है।
पर्यावरण प्रेमियों ने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए वैकल्पिक मार्ग या ऐसी तकनीकी योजनाओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया जिनसे पेड़ों की कटाई को कम किया जा सकता था। उनका कहना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना सरकार और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
पेड़ों पर बांधा रक्षा सूत्र
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें बचाने का संकल्प लिया और सरकार से पेड़ों की कटाई पर पुनर्विचार करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि आवश्यक हो तो परियोजना के डिजाइन में बदलाव कर अधिक से अधिक पेड़ों को संरक्षित किया जाए।
पर्यावरण प्रेमियों ने सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से जुड़े अधिकारियों और वन विभाग से मांग की है कि परियोजना की दोबारा समीक्षा की जाए तथा ऐसे वैकल्पिक समाधान तलाशे जाएं जिनसे सड़क और फ्लाईओवर निर्माण का कार्य भी पूरा हो सके और पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान पहुंचे।
कटाई को लेकर लोगों में आक्रोश
फिलहाल क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर लोगों में आक्रोश बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी आवाज आगे भी बुलंद करते रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे।