ग्रामीण क्षेत्रो में जहां एक ओर सरकार द्वारा करोड़ो करोड़ रुपये खर्च कर आमजन को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है वहीं विभाग और कार्यदायी संस्थाएं सरकार के इन मंसूबो पर पलीता लगाती नजर आ रही है इसकी एक बानगी देखने को मिली थराली विधानसभा के नारायणबगड़ विकासखंड के नलगांव क्षेत्र में जहां पीएमजीएसवाई ब्रिडकुल द्वारा बनाई गई कंडवालगांव -कफोली सड़क 15 .43 करोड़ रूपये खर्च होने के बाद भी बदहाल हालात में है
घटिया गुणवत्ता का डामरीकरण
सरकार ने इस सड़क के प्रथम चरण के लिए आठ करोड़ साठ लाख रुपये और द्वितीय चरण के लिए छह करोड़ तिरासी लाख रुपये जारी किए कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल द्वारा सड़क किनारे लगाए गए बोर्ड में वर्ष 2021 में कार्य पूर्ण होना भी दर्शाया है लेकिन धरातल पर द्वितीय चरण का कार्य पूरा होना तो दूर अभी तक प्रथम चरण के भी कई कार्य शेष नजर आ रहे हैं ग्रामीणों के मुताबिक जहां 12.50 किमी लंबी सड़क को कंडवालगांव तक पहुंचना था ये सड़क कंडवालगांव तक पहुंची ही नहीं साथ ही 12.50 किमी लंबी इस सड़क पर महज तीन किमी ही घटिया गुणवत्ता का डामरीकरण पाया गया सड़क की बदहाली का आलम ये है कि लोग जान जोखिम में डालकर इस सड़क पर आवाजाही को मजबूर हैं सड़क निर्माण के दौरान ही तीन अलग अलग दुर्घटनाओं में पांच लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी सड़क पर डामर पूरा नहीं है 55 स्क्रबरो में से महज 20 का ही निर्माण हुआ है सड़क की चौड़ाई जहां 6 मीटर के आसपास होनी थी
ग्रामीणों ने रोका बस का ट्रायल
वहीं सड़क की चौड़ाई महज चार से पांच मीटर तक ही अधिकांश जगहों पर है कच्ची पक्की नालियों का निर्माण तक पूर्ण नहीं हो पाया है और सड़क संकरी होने के चलने दुर्घटनाओं को न्यौता दे रही है सड़क पर लगे कार्यदायी संस्था के बोर्ड के मुताबिक सड़क निर्माण का कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो चुका है लेकिन 12 .5 किमी लंबी सड़क पर महज 3 किमी ही डामर बिछा है वो भी अब कई जगहों पर उखड़ गया है ठेकेदार और विभाग ने सड़क का कार्य पूर्ण दर्शाते हुए सड़क पर बस के ट्रायल की भी तैयारी कर ली जिसका विरोध करते हुए ग्रामीणों ने बस का ट्रायल रोकते हुए ठेकेदार और विभाग से कार्य पूर्ण करने और पूरा डामरीकरण करने की बात कही
अधर में लटका कार्य
बावजूद लगातार सक्षम और जिम्मेदार अधिकारियों से वार्ता और पत्राचार के बाद भी सड़क का कार्य अधर में लटका हुआ है और ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण कार्यो का पूर्ण भुगतान भी हो गया है कागजो में सड़क निर्माण पूर्ण दर्शाया है जबकि धरातल पर हकीकत कागजो से कोसों दूर नजर आ रहे हैं और सड़क से जुड़ी एक बड़ी आबादी जान जोखिम में डालकर आवाजाही को मज़बूर है