उत्तराखंड में निहंगों के कर्णप्रयाग कूच को लेकर बना तनावपूर्ण माहौल देर रात शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया। कुल्हाल बॉर्डर पर भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती के बीच निहंगों का समूह बैरिकेडिंग पार कर उत्तराखंड सीमा में प्रवेश करते हुए प्रेमनगर तक पहुंच गया था जिससे सुरक्षा एजेंसियों में कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया।
पुलिस ने दिखाया संयम, नहीं किया बल प्रयोग
पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन ने धैर्य संयम और सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा। अधिकारियों ने किसी भी प्रकार के बल प्रयोग से परहेज किया और लगातार संवाद के जरिए निहंगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस की प्राथमिकता किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को टालना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना रही।
लगातार बातचीत के बाद बनी सहमति
कई घंटों की बातचीत और समझाइश के बाद आखिरकार निहंग वापस पंजाब लौटने पर सहमत हो गए। इसके बाद उन्हें सुरक्षित रूप से कुल्हाल बॉर्डर से रवाना किया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को बिना टकराव के शांतिपूर्ण तरीके से संभाल लिया।
बॉर्डर पर तैनात रहा भारी सुरक्षा बल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुल्हाल बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई थी। पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां लगातार मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थीं।
पुलिस नेतृत्व की सराहना
इस पूरे अभियान का नेतृत्व एसपी देहात पंकज गैरोला द्वारा किया गया। उनकी रणनीति और शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति को संभालने की सराहना की जा रही है। पुलिस ने संयम और प्रभावी प्रबंधन के जरिए न केवल तनाव को बढ़ने से रोका बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था भी बनाए रखी।
स्थिति पूरी तरह सामान्य
घटना के बाद क्षेत्र में हालात पूरी तरह सामान्य हैं और सुरक्षा बलों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में भी किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां मजबूत रखी जाएंगी।