लक्सर : ब्लॉक सभागार में आपदा प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दर्जाधारी कैबिनेट मंत्री डॉ. विनय रूहेला ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान लक्सर और खानपुर क्षेत्र में अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर जनप्रतिनिधियों ग्राम प्रधानों क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं।
बैठक में दर्जाधारी राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन और जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान की समीक्षा करने के साथ-साथ राहत और बचाव कार्यों तथा भविष्य में आपदा से निपटने की तैयारियों पर चर्चा करना रहा।
गंगा और सोलानी के टूटे तटबंधों का मुद्दा उठा
बैठक के दौरान क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने गंगा और सोलानी नदी के टूटे तटबंधों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। ग्रामीणों का कहना था कि तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने से बरसात के दौरान बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में तटबंधों की मरम्मत और संवेदनशील स्थानों पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है।
लोगों ने मांग की कि तटबंधों की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराया जाए, ताकि आगामी बारिश के दौरान दोबारा बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने पर ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि भूमि को नुकसान से बचाया जा सके।
कुआं खेड़ा नदी से फसलों और कृषि भूमि को नुकसान
पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन ने कुआं खेड़ा नदी से आई बाढ़ के कारण फसलों और कृषि भूमि को हुए नुकसान का मुद्दा भी बैठक में रखा। उन्होंने प्रभावित किसानों की समस्याओं और उन्हें हुए नुकसान की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया।
ग्रामीणों ने भी बताया कि अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर कृषि भूमि भी प्रभावित हुई है। लोगों ने नुकसान का उचित आकलन कर प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की।
टूटी सड़कों और जलभराव पर भी चर्चा
बैठक में बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने कहा कि कई स्थानों पर सड़कें टूटने से आवागमन प्रभावित हुआ है जबकि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जलभराव की समस्या बनी रहती है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से सड़कों की मरम्मत कराने और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की ताकि भविष्य में बारिश के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री के समक्ष रखे जाएंगे सभी मुद्दे
बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों को लेकर डॉ. विनय रूहेला ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने तटबंधों की मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्यों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का भी भरोसा दिलाया।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश और बाढ़ के दौरान लक्सर और खानपुर क्षेत्र के कई गांवों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में केवल तत्काल राहत देने के बजाय बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंधों को मजबूत करने क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने जल निकासी व्यवस्था सुधारने और बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की। अब लोगों को उम्मीद है कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर जल्द कार्रवाई होगी और क्षेत्र को बाढ़ एवं जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सकेगी।