पिछले 163 दिनों से धरने पर बैठे रेहड़ी-पटरी व्यापारियों के समर्थन में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता पंकज छेत्री और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सुजाता पॉल आंदोलन स्थल पर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
धरने पर बैठे व्यापारियों ने कांग्रेस नेताओं के सामने अपनी आपबीती रखते हुए बताया कि वे पिछले 163 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि करीब दो वर्षों से बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है जिसके चलते उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद पहुंचे कांग्रेस नेता
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पंकज छेत्री ने कहा कि रेहड़ी-पटरी व्यापारियों की ओर से भूख हड़ताल की चेतावनी दिए जाने के बाद वे आंदोलन स्थल पर पहुंचे हैं। उन्होंने आंदोलनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और कहा कि आंदोलन को अब एक नई दिशा देने की आवश्यकता है।
छेत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष सत्ता के नशे में चूर हैं और गरीब लोगों की हाय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटरी व्यापारियों के अधिकारों और उनकी मांगों को लेकर कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़ने का दावा
पंकज छेत्री ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो पटरी व्यापारियों की लड़ाई सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ी जाएगी। उन्होंने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को लेकर कांग्रेस आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी और आंदोलन को मजबूती देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सुजाता पॉल ने महिलाओं के मुद्दे को उठाया
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में यहां की मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि आज वही महिलाएं बेरोजगारी की समस्या के चलते धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
सुजाता पॉल ने कहा कि आंदोलन कर रहे व्यापारियों और महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस उनकी लड़ाई को अंतिम दौर तक लड़ने का प्रयास करेगी।
कांग्रेस नेताओं के समर्थन के बाद आंदोलनकारी पटरी व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित स्थानीय निकाय की ओर से उनकी समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।