देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले मौसम तेजी से करवट ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के अधिकांश जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक, बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रह सकता है। खासकर चारधाम यात्रा मार्गों और पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर तेज गर्जना के साथ बिजली चमक सकती है और ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ तेज हवाएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। IMD के अनुसार कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन को भी संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।
चारधाम यात्रियों के लिए विशेष सतर्कता की सलाह
चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर लें। विशेष रूप से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को बारिश और भूस्खलन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है। खराब मौसम के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा जोखिम भरी हो सकती है।
भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ा
लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने चेताया है कि कई संवेदनशील इलाकों में सड़कें बाधित हो सकती हैं और यातायात प्रभावित हो सकता है। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
देहरादून में भी बदलेगा मौसम का मिजाज
राजधानी देहरादून में शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। बीच-बीच में हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है।
पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी ने बढ़ाई ठंडक
शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहा। अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश दर्ज की गई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी देखने को मिली। चमोली जिले के हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ धाम में हुई बर्फबारी ने मौसम को और ठंडा बना दिया। मौसम में आए इस बदलाव से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन यात्रा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।
अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान
14 जून:
उत्तराखंड के अधिकांश पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी मौसम बदल सकता है।
15 जून:
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कई इलाकों में लगातार बौछारें पड़ने का अनुमान है।
16 जून:
इन पांच जिलों में बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रह सकता है। अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग की अपील
IMD ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खासकर चारधाम यात्रियों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।