बागेश्वर जिले में आगामी उत्तरायणी पर्व और मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित होने वाले पारंपरिक उत्तरायणी मेले से पहले एक नया विवाद सामने आया है। जिले में कुछ लोगों द्वारा "उत्तरायणी मेला लकी ड्रा 2026 के नाम से ऑनलाइन और विभिन्न स्थानों पर लॉटरी बेचे जाने के मामले सामने आए हैं। इस लॉटरी के जरिए कार, बाइक, स्कूटी, नकद पुरस्कार, फ्रीज और सोने के गहनों जैसे महंगे इनामों का लालच दिया जा रहा है, जिससे आम जनता को भ्रमित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का स्पष्ट रुख
इस मामले को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड राज्य में किसी भी प्रकार की लॉटरी अवैध है। प्रशासन ने यह भी कहा कि ऐसी लॉटरी को लेकर लोगों को किसी भी प्रकार के प्रलोभन से दूर रहने की अपील की जाती है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि इस प्रकार की लॉटरी आयोजित करने या प्रचारित करने की जानकारी मिलती है, तो उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस द्वारा जागरूकता की अपील
जिले की पुलिस ने भी आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लॉटरी से संबंधित मामलों के बारे में तत्काल सूचना दें। पुलिस ने बताया कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लॉटरी के खिलाफ कानूनी प्रावधान
उत्तराखंड राज्य में लॉटरी और इस प्रकार के अवैध ड्रॉ और गैंबलिंग गतिविधियों को राज्य सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है। किसी भी प्रकार के लॉटरी या जुआ को चलाना या उसका प्रचार करना कानूनी रूप से अपराध है। यह न केवल अवैध है, बल्कि आम जनता को आर्थिक रूप से धोखा देने और उनकी मेहनत की कमाई को नुकसान पहुंचाने का एक तरीका भी है।
उत्तरायणी मेले की पारंपरिक धरोहर
उत्तरायणी मेला बागेश्वर जिले का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मेला है, जो मकर संक्रांति और उत्तरायणी पर्व के मौके पर आयोजित किया जाता है। यह मेला स्थानीय संस्कृति, रीति-रिवाजों और पारंपरिक खेलों का उत्सव होता है। साथ ही, यह मेला बागेश्वर के पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है।
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