चमोली के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हाल जानने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत थराली पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ चेपड़ो आपदा प्रभावित गांवों का दौरा किया बल्कि स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान रावत ने सरकार की आपदा प्रबंधन नीति पर सवाल उठाते हुए मुआवजे और सुरक्षा कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
चेपड़ो गांव में पीड़ित परिवारों से मुलाकात
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने थराली क्षेत्र का दौरा किया। थराली मुख्य बाजार से जनसंपर्क करते हुए वे आपदा प्रभावित चेपड़ो गांव पहुंचे जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। रावत ने आरोप लगाया कि सरकार आपदा प्रभावितों के साथ न्याय नहीं कर रही है और मुआवजे के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
थराली क्षेत्र में भू-धंसाव
उन्होंने कहा कि थराली बाजार पूरी तरह आपदा की चपेट में आ चुका है जबकि पिंडर नदी के किनारे लगातार हो रहा कटाव एक नए खतरे की ओर इशारा कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि थराली क्षेत्र में भू-धंसाव लगातार बढ़ रहा है लेकिन अब तक बाढ़ सुरक्षा या स्थायी समाधान के कोई ठोस कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। रावत ने अपनी सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2013 में आपदा के दौरान प्रभावितों को 5 लाख रुपये के साथ मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 2 लाख रुपये और केंद्र से भी सहायता दी गई थी लेकिन वर्तमान सरकार केवल सीमित मुआवजा देकर लोगों को नजरअंदाज कर रही है।