चंपावत जिले के आदर्श जिला क्षेत्र में सड़क की सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोट केन्द्री गाँव में एक महिला, पुष्पा देवी पत्नी रतन सिंह, गाय के लिए चारा काटने के दौरान पेड़ से गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चल कर डोली बनाकर मुख्य सड़क पोथ तक लाना पड़ा, जहां से घायल महिला को 20 किलोमीटर दूर टनकपुर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में महिला का इलाज किया गया और फिलहाल उसकी हालत में सुधार है।
बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी
ग्रामीणों लक्ष्मण सिंह, मदन, मोहन सिंह और दीपक सिंह ने बताया कि सड़क न होने के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि गांव में न तो सड़क सुविधा है, न चिकित्सा सुविधा, और न ही नेटवर्क उपलब्ध है। इस वजह से गांव से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर चुके हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क की मांग कई बार शासन और प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सर्वेक्षण का आश्वासन बार-बार दिया गया लेकिन गांव सड़क सुविधा से महरूम है। ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और अपने विधायक पुष्कर सिंह धामी तथा चंपावत जिला प्रशासन से एक बार फिर गांव को सड़क से जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह कैसा आदर्श जिला चंपावत है, जहां बीमारों और घायलों को डोलियों में अस्पताल ले जाना पड़ता है। सुविधाओं के अभाव के कारण अब मरीजों, गर्भवती महिलाओं और घायलों को डोलियों में ले जाने के लिए लोगों को ढूँढना भी मुश्किल हो गया है। इस घटना ने ग्रामीणों की समस्याओं और चंपावत जिले में बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी को उजागर किया है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द गांव को सड़क से जोड़ा जाए, ताकि ऐसे हादसों से भविष्य में बचा जा सके।
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