देहरादून में उत्तराखण्ड माल्टा महोत्सव का आयोजन किया गया जो राज्य की कृषि और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। इस महोत्सव में उत्तराखण्ड के विभिन्न हिस्सों से आए किसान, व्यापारी और पर्यटक एकत्रित हुए जिन्होंने राज्य में उगाए गए माल्टा (संतरा) की गुणवत्ता और स्वाद का लुत्फ उठाया। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य माल्टा उत्पादन को बढ़ावा देना और राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करना था।
महोत्सव की शुरुआत और उद्घाटन
महोत्सव का उद्घाटन उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर सीएम धामी ने कहा कि राज्य में माल्टा उत्पादक क्षेत्रों की पहचान बढ़ाने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि माल्टा की खेती राज्य के कई इलाकों में फल-फूल रही है और इससे स्थानीय किसानों की आय में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों की मेहनत को सराहा और आश्वासन दिया कि सरकार इस दिशा में और कदम उठाएगी, जिससे माल्टा के उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों को अच्छा लाभ मिले।
संस्कृति और मनोरंजन का आयोजन
महोत्सव में केवल माल्टा के उत्पादन और कृषि पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि उत्तराखण्ड की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को भी प्रदर्शित किया गया। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक कला रूपों का आयोजन किया गया। देहरादून के नागरिकों और पर्यटकों ने इस कार्यक्रम का आनंद लिया और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को सराहा।
राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देना
महोत्सव का आयोजन पर्यटन और कृषि के बीच एक पुल का काम भी कर रहा था। यह आयोजन राज्य के कृषि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ उत्तराखण्ड के माल्टा उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम था। इस कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखण्ड में माल्टा के उत्पादन के अलावा, राज्य के अन्य कृषि उत्पादों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
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